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#islam guide us in every field of life #Islam and We #points to ponder #सोचने वाली बात
islam guide us in every field of life - गुनाह को देखना और उसे पसंद दोनों में फर्क ೫T _ 25/6/26 अल-्उर्स बिन उमैरह अल-किंदी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत हैः ননী :৬; ন ক্ধংসাযা: "जब ज़मीन में कोई गुनाह किया जाए॰ तो जो व्यक्ति उसे देखे और उसे बुरा समझे (उसका विरोध करे), वह ऐसा है जैसे वह वहाँ मौजूद ही मौजूद न था। लेकिन जो व्यक्ति वहाँ न हो और फिर भी उस गुनाह को पसंद करे, तो वह ऐसा है जैसे उसने उसे अपनी आँखों से देखा हो।" हसन ( अल-अलबानी) संदर्भः सुनन अबू दाऊद, हदीस ४३४५ गुनाह को देखना और उसे पसंद दोनों में फर्क ೫T _ 25/6/26 अल-्उर्स बिन उमैरह अल-किंदी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत हैः ননী :৬; ন ক্ধংসাযা: "जब ज़मीन में कोई गुनाह किया जाए॰ तो जो व्यक्ति उसे देखे और उसे बुरा समझे (उसका विरोध करे), वह ऐसा है जैसे वह वहाँ मौजूद ही मौजूद न था। लेकिन जो व्यक्ति वहाँ न हो और फिर भी उस गुनाह को पसंद करे, तो वह ऐसा है जैसे उसने उसे अपनी आँखों से देखा हो।" हसन ( अल-अलबानी) संदर्भः सुनन अबू दाऊद, हदीस ४३४५ - ShareChat