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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 16.6.2026 हास्य व्यंग जो जुबान से झूटें होते हैं उनका शरीर पूरा अछूता नहीं हो सकता है इस बात का प्रमाण যাতনীনিহী কী चाल ढाल से स्पष्ट पता चलता है! Status (Contacts) + # Aa 16.6.2026 हास्य व्यंग जो जुबान से झूटें होते हैं उनका शरीर पूरा अछूता नहीं हो सकता है इस बात का प्रमाण যাতনীনিহী কী चाल ढाल से स्पष्ट पता चलता है! Status (Contacts) + # - ShareChat