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#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी #एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #💚 लाइफ़ की शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - ख्वारबों के शहर में कभी किस्मत की रज़ा ना मिली.. सजा तो मिली पर गलतियों की वजह ना मिली...  खामोशियां.. ख्वारबों के शहर में कभी किस्मत की रज़ा ना मिली.. सजा तो मिली पर गलतियों की वजह ना मिली...  खामोशियां.. - ShareChat