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दोहा बुल्लेशाह #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - दाोहा मुँह दिखलावे और छुपे छल-्बल है जगदीस पास रहे हर न मिले इस को बिसवे बीस बुल्लेशाह दाोहा मुँह दिखलावे और छुपे छल-्बल है जगदीस पास रहे हर न मिले इस को बिसवे बीस बुल्लेशाह - ShareChat