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#मनुवादी आरक्षण यानी जनेऊ आरक्षण #मनुवादी ब्राह्मण आरक्षण‌ क्रूरता है #असंवैधानिक अमानवीय मनुवादी ब्राह्मण आरक्षण‌ अतिक्रमण कब्जा है #जनेऊ आरक्षण से देश बर्बाद हुआ #जनेऊ आरक्षण खत्म करो
मनुवादी आरक्षण यानी जनेऊ आरक्षण - जनेऊ आरक्षण का विरोध होना चाहिए। देश के १८% नौकरियों में असंवैधानिक अमानवीय मनुवादी आरक्षण यानी टीका जनेऊ आरक्षण लागू है। जबकि శI2uT कलावा मात्र २% नौकरी में संवैधानिक आरक्षण (८५% जनसंख्या को ४९ ५% पद और १५% लागू है और वह जनसंख्या को ५१ ५% पद) महत्वपूर्ण पदों पर। १०% सवर्ण भी कम को १०% सुदामा कोटा आरक्षण मतलब १००% आरक्षण , उसके अलावे लैटरल इंट्री , कॉलेजियम आरक्षण| मंदिर मीडिया व्यापार में और प्रधानमंत्री पद पर १००% सवर्ण आरक्षण जो खुद भिखारी कोटा का भीख ले लागू है। रहा है वो संवैधानिक आरक्षण प्रतिनिधित्व के अधिकार को भीख कह कर जोश दिलाता है। बेईमानों का नीयत साफ पता चलता है। मनुवादी आरक्षण जो १५% जनसंख्या को १८% आरक्षण है और सरकारी नौकरी (२%) में भी 5१ ५% आरक्षण लेने के बाद भी उस आरक्षण के बारे में अंधभक्त कुछ नहीं कहता है। जनेऊ आरक्षण का विरोध होना चाहिए। देश के १८% नौकरियों में असंवैधानिक अमानवीय मनुवादी आरक्षण यानी टीका जनेऊ आरक्षण लागू है। जबकि శI2uT कलावा मात्र २% नौकरी में संवैधानिक आरक्षण (८५% जनसंख्या को ४९ ५% पद और १५% लागू है और वह जनसंख्या को ५१ ५% पद) महत्वपूर्ण पदों पर। १०% सवर्ण भी कम को १०% सुदामा कोटा आरक्षण मतलब १००% आरक्षण , उसके अलावे लैटरल इंट्री , कॉलेजियम आरक्षण| मंदिर मीडिया व्यापार में और प्रधानमंत्री पद पर १००% सवर्ण आरक्षण जो खुद भिखारी कोटा का भीख ले लागू है। रहा है वो संवैधानिक आरक्षण प्रतिनिधित्व के अधिकार को भीख कह कर जोश दिलाता है। बेईमानों का नीयत साफ पता चलता है। मनुवादी आरक्षण जो १५% जनसंख्या को १८% आरक्षण है और सरकारी नौकरी (२%) में भी 5१ ५% आरक्षण लेने के बाद भी उस आरक्षण के बारे में अंधभक्त कुछ नहीं कहता है। - ShareChat