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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #👏भगवान विष्णु😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - गोस्वामी तुलसीदास दोहा  भरोसे राम के, निर्भय हाो के सोए। तुलसी अनहोनी होनी नहीं , होनी हो सो होए।। भावार्थः जो व्यक्ति श्रीराम के भरोसे रहता है, वह निडर होकर जीवन जीता है। उसके साथ कोई अनहोनी नहीं होती, और जो होना निश्चित है, वही होकर रहता है। गोस्वामी तुलसीदास दोहा  भरोसे राम के, निर्भय हाो के सोए। तुलसी अनहोनी होनी नहीं , होनी हो सो होए।। भावार्थः जो व्यक्ति श्रीराम के भरोसे रहता है, वह निडर होकर जीवन जीता है। उसके साथ कोई अनहोनी नहीं होती, और जो होना निश्चित है, वही होकर रहता है। - ShareChat