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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - दिल के ज़ख्म भी अब ೯ 10, पुराने अलग ्अलग हम दोनों के ठिकाने हो गए. कभी जिस गली से रोज का आना जाना था, अब उस गली में गए हुए भी ज़माने हो गए. @sona creationa3 दिल के ज़ख्म भी अब ೯ 10, पुराने अलग ्अलग हम दोनों के ठिकाने हो गए. कभी जिस गली से रोज का आना जाना था, अब उस गली में गए हुए भी ज़माने हो गए. @sona creationa3 - ShareChat