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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि #व्रत एवं त्योहार
शुभ मुहूर्त - 15-06-26 सोमवती अमावस्या सोमवार वर्ष की पहली सोमवती अमावस्या अधिकमास கதன पक्ष में १५ जून को पड़ रही है, यह तिथि अधिक-मास का समापन दिवस भी है।  वृक्ष में होता है। इस दिन पीपल के दिन पितरों का वास पीपल " अमावस्या विष्णु 7 की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।  और भगवान ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय सोमवती अमावस्याः १५ जून २०२६, सोमवार अमावस्या तिथिः १४ जून दोपहर १२:११ बजे से १५ जून सुबह 08:२३ बजे तक सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता विष्णु ` है। यह दिन स्नान, दान, जप, पितृ स्मरण और भगवान की आराधना के लिए विशेष पवित्र माना जाता है। विष्णु ` इस दिन प्रातः स्नान के बाद शांत मन से भगवान का स्मरण करें। கிஸ पीपल वृक्ष करें, जल अर्पित करें और अनुसार पीपल की 9| परिक्रमा परिक्रमा करें। इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण , काले तिल, जौ, अन्न, जल या वस्त्र का दान शुभ माना गया है। सोमवती अमावस्या हमें अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता , सेवा और संयम का संदेश देती है। 15-06-26 सोमवती अमावस्या सोमवार वर्ष की पहली सोमवती अमावस्या अधिकमास கதன पक्ष में १५ जून को पड़ रही है, यह तिथि अधिक-मास का समापन दिवस भी है।  वृक्ष में होता है। इस दिन पीपल के दिन पितरों का वास पीपल " अमावस्या विष्णु 7 की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।  और भगवान ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय सोमवती अमावस्याः १५ जून २०२६, सोमवार अमावस्या तिथिः १४ जून दोपहर १२:११ बजे से १५ जून सुबह 08:२३ बजे तक सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता विष्णु ` है। यह दिन स्नान, दान, जप, पितृ स्मरण और भगवान की आराधना के लिए विशेष पवित्र माना जाता है। विष्णु ` इस दिन प्रातः स्नान के बाद शांत मन से भगवान का स्मरण करें। கிஸ पीपल वृक्ष करें, जल अर्पित करें और अनुसार पीपल की 9| परिक्रमा परिक्रमा करें। इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण , काले तिल, जौ, अन्न, जल या वस्त्र का दान शुभ माना गया है। सोमवती अमावस्या हमें अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता , सेवा और संयम का संदेश देती है। - ShareChat