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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #🙏🏻माँ तुझे सलाम
बलिदान दिवस - आज जिनका बलिदान दिवस है नमन अमर शहीद बीरबल सिंह ढालिया जीनगर गमर शहीदशी वीरवत सिह टातिपा गगानगर जित रापसिह नगरके निवासी चे। शिक्षा सामान्प शरीर पएचा। आपरूईकी आढत का वावसाय करते चे। आपवे  पिताशी सातगतमणीवःभाई जवाहरतात जगमत द सीताराम ्े ப a க் 77 பாாக B   परिपूर्ण वीकानेर प्रजा परिपद के सदस्पचे। आपने सामान्ती  अत्पावार का विरोप किपा नागरिक अपिकार की पाप्िकेलिए n ஈ கிச ஈர க5 f   करन परती प्रतिवरपनहीया तिरगा a O( ३० जूना ९४६ को राज्पदेश की अवलहेलना कर निरंगा लेकर जुलूस निकाला गपा।श्री वीरबल सिहरजी की वाई भूजा पर इतनी जोरकी लाठिया पड़ी की भूजा  किन्त आजादी के दिवाने इससे नही  खन टपकटे लगा जिन्दावाद के नारे रूके। भारतमाता कीजप { लगाते हुए जन रेस्ट हाउस की ओर बढे तो सेना वे   अधापन्द गोलिपा चलानी शुरू करदी।  इसी a 66 जीकी जांप मेएक साथ तीन गोलिया लगी बीरवल लेकिनवे रूके नही चलते रहे। लोगोनेउन्ह कर्चे पर उन्ह प्राण्डाल मते गवे। नाहील मे ढिलाई होने पर a चिकित्तालय यारपावी समत लजाया गया। उनका काफी बह चुका थाःपर फिरभी हाथरमै तिरंगा थामे ये चिकिस्तक उनकी हिम््त देखकर स्तवय। उन्ीने अपने চম ম০ও বালাল সন ম अन्तिम शव्दीनेपही कहा  சாபகி =ப் எ77 3்ிச் 7ு 7 ஏளர १९४६ को हमेशा हमेशा के बिए अपनी आखे मूदली। जलाई १९४६ को शहीद के पार्थिच शरीरको सलूस निकाला गपा। जिसर्म आजाद हिद फोज के कर्नल अमरसिह तिरगा झण्डा लिये सबते आगे चल खहये। शव সমুনসুন থা চলাম লীণী ন কা a ক নাল কং%চ৮ ! সব কীলন্থোন ম 100 ম সথিক शाखाओं कैे विस्तार एव आगामी 1 जुलाई २०१8 को सिह का शहादत दिवस प्रत्वेक शाख शहीद वीरबल अपने स्तर पर मनाने हेत गाह्वान किया ह। अशोक आसेरी प्रधान सम्पादक जीनगर ज्योति बीकानेर आज जिनका बलिदान दिवस है नमन अमर शहीद बीरबल सिंह ढालिया जीनगर गमर शहीदशी वीरवत सिह टातिपा गगानगर जित रापसिह नगरके निवासी चे। शिक्षा सामान्प शरीर पएचा। आपरूईकी आढत का वावसाय करते चे। आपवे  पिताशी सातगतमणीवःभाई जवाहरतात जगमत द सीताराम ्े ப a க் 77 பாாக B   परिपूर्ण वीकानेर प्रजा परिपद के सदस्पचे। आपने सामान्ती  अत्पावार का विरोप किपा नागरिक अपिकार की पाप्िकेलिए n ஈ கிச ஈர க5 f   करन परती प्रतिवरपनहीया तिरगा a O( ३० जूना ९४६ को राज्पदेश की अवलहेलना कर निरंगा लेकर जुलूस निकाला गपा।श्री वीरबल सिहरजी की वाई भूजा पर इतनी जोरकी लाठिया पड़ी की भूजा  किन्त आजादी के दिवाने इससे नही  खन टपकटे लगा जिन्दावाद के नारे रूके। भारतमाता कीजप { लगाते हुए जन रेस्ट हाउस की ओर बढे तो सेना वे   अधापन्द गोलिपा चलानी शुरू करदी।  इसी a 66 जीकी जांप मेएक साथ तीन गोलिया लगी बीरवल लेकिनवे रूके नही चलते रहे। लोगोनेउन्ह कर्चे पर उन्ह प्राण्डाल मते गवे। नाहील मे ढिलाई होने पर a चिकित्तालय यारपावी समत लजाया गया। उनका काफी बह चुका थाःपर फिरभी हाथरमै तिरंगा थामे ये चिकिस्तक उनकी हिम््त देखकर स्तवय। उन्ीने अपने চম ম০ও বালাল সন ম अन्तिम शव्दीनेपही कहा  சாபகி =ப் எ77 3்ிச் 7ு 7 ஏளர १९४६ को हमेशा हमेशा के बिए अपनी आखे मूदली। जलाई १९४६ को शहीद के पार्थिच शरीरको सलूस निकाला गपा। जिसर्म आजाद हिद फोज के कर्नल अमरसिह तिरगा झण्डा लिये सबते आगे चल खहये। शव সমুনসুন থা চলাম লীণী ন কা a ক নাল কং%চ৮ ! সব কীলন্থোন ম 100 ম সথিক शाखाओं कैे विस्तार एव आगामी 1 जुलाई २०१8 को सिह का शहादत दिवस प्रत्वेक शाख शहीद वीरबल अपने स्तर पर मनाने हेत गाह्वान किया ह। अशोक आसेरी प्रधान सम्पादक जीनगर ज्योति बीकानेर - ShareChat