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#📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी
📚कविता-कहानी संग्रह - नया भगत सिंह समझा था बुझ गई आग,वो तो बस एक शुरुआत तुमने 2, जिसकी सिंह जैसी दहाड़ थी, वो वीर भरत तिवारी की बात थी। चोरों , तुम  कितनों को रोकोगे , भ्रष्ट तंत्र के काले कितनी आवाजें दबाओगे , कितनो को तुम ठोकोगे? हर घर से अब इंकलाब का,एक नया सिपाही निकलेगा , भगत सिंह के इस चेले का सपना, अब बनकर शोला देहकेगा| दीपक शर्मा....Ai 37 नया भगत सिंह समझा था बुझ गई आग,वो तो बस एक शुरुआत तुमने 2, जिसकी सिंह जैसी दहाड़ थी, वो वीर भरत तिवारी की बात थी। चोरों , तुम  कितनों को रोकोगे , भ्रष्ट तंत्र के काले कितनी आवाजें दबाओगे , कितनो को तुम ठोकोगे? हर घर से अब इंकलाब का,एक नया सिपाही निकलेगा , भगत सिंह के इस चेले का सपना, अब बनकर शोला देहकेगा| दीपक शर्मा....Ai 37 - ShareChat