#whatsaap status #GodMorningSaturday
कबीर,एकै साधै सब सधै,सब साधै सब जाय।
माली सींचे मूल को,फूलै फलै अघाय।।
कबीर साहेब जी कहते हैं कि एक मूल रुपी भगवान की साधना करने से सभी अन्य देव अपना फल साधक को देते हैं,किंतु मूल के अतिरिक्त यदि वृक्ष के अन्य भागों की साधना की जाए तो सर्वस्व नष्ट हो जाता है l
![whatsaap status - छप्पन भोग नर से फिर पशुवा कीजै , गधा, बैल बनाई। छप्पन भोग कहाँ मन बौरे, कहीं कुरड़ी चरने जाई।। भावार्थ मनुष्य जीवन में हम कितने अच्छे अर्थात् ५६ प्रकार के भोजन खाते हैं। भक्ति न करने से या शास्त्रविरुद्ध साधना करने से गधा बनेगा, फिर ये छप्पन प्रकार के भोजन कहाँ प्राप्त होँगे, कहीं कुरड़ियों [रूड़ी] पर पेट भरने प्रकार बैल आदिआदि लिए ক ঘাম স্রান আওযা | इसी पशुओं की योनियों में कष्ट पर कष्ट उठाएगा | बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज ( SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ छप्पन भोग नर से फिर पशुवा कीजै , गधा, बैल बनाई। छप्पन भोग कहाँ मन बौरे, कहीं कुरड़ी चरने जाई।। भावार्थ मनुष्य जीवन में हम कितने अच्छे अर्थात् ५६ प्रकार के भोजन खाते हैं। भक्ति न करने से या शास्त्रविरुद्ध साधना करने से गधा बनेगा, फिर ये छप्पन प्रकार के भोजन कहाँ प्राप्त होँगे, कहीं कुरड़ियों [रूड़ी] पर पेट भरने प्रकार बैल आदिआदि लिए ক ঘাম স্রান আওযা | इसी पशुओं की योनियों में कष्ट पर कष्ट उठाएगा | बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज ( SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat whatsaap status - छप्पन भोग नर से फिर पशुवा कीजै , गधा, बैल बनाई। छप्पन भोग कहाँ मन बौरे, कहीं कुरड़ी चरने जाई।। भावार्थ मनुष्य जीवन में हम कितने अच्छे अर्थात् ५६ प्रकार के भोजन खाते हैं। भक्ति न करने से या शास्त्रविरुद्ध साधना करने से गधा बनेगा, फिर ये छप्पन प्रकार के भोजन कहाँ प्राप्त होँगे, कहीं कुरड़ियों [रूड़ी] पर पेट भरने प्रकार बैल आदिआदि लिए ক ঘাম স্রান আওযা | इसी पशुओं की योनियों में कष्ट पर कष्ट उठाएगा | बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज ( SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ छप्पन भोग नर से फिर पशुवा कीजै , गधा, बैल बनाई। छप्पन भोग कहाँ मन बौरे, कहीं कुरड़ी चरने जाई।। भावार्थ मनुष्य जीवन में हम कितने अच्छे अर्थात् ५६ प्रकार के भोजन खाते हैं। भक्ति न करने से या शास्त्रविरुद्ध साधना करने से गधा बनेगा, फिर ये छप्पन प्रकार के भोजन कहाँ प्राप्त होँगे, कहीं कुरड़ियों [रूड़ी] पर पेट भरने प्रकार बैल आदिआदि लिए ক ঘাম স্রান আওযা | इसी पशुओं की योनियों में कष्ट पर कष्ट उठाएगा | बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज ( SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_769299_c70717a_1775875767991_sc.jpg?tenant=sc&referrer=pwa-sharechat-service&f=991_sc.jpg)

