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विश्व हास्य दिवस विश्व हास्य दिवस (अंग्रेज़ी: World Laughter Day) प्रत्येक वर्ष 'मई' माह के प्रथम रविवार को मनाया जाता है। मनोवैज्ञानिक प्रयोगों से यह स्पष्ट हुआ है कि अधिक हँसने वाले बच्चे अधिक बुद्धिमान होते हैं। हँसना सभी के शारीरिक व मानसिक विकास में अत्यंत सहायक है। जापान के लोग अपने बच्चों को प्रारंभ से ही हँसते रहने की शिक्षा देते हैं। इस समय जब अधिकांश विश्व आतंकवाद के डर से सहमा हुआ है, तब 'विश्व हास्य दिवस' की अत्यधिक आवश्यकता महसूस होती है। इससे पहले इस दुनिया में इतनी अशांति कभी नहीं देखी गई। आज हर व्यक्ति के अंदर कोहराम मचा हुआ है। ऐसे में हंसी दुनियाभर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकती है। थैकर' एवं 'शेक्सपियर' जैसे विचारकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि प्रसन्नचित व्यक्ति अधिक जीता है। अन्य जानकारी ज़ोर से कहकहे लगाने से पूरे शरीर में प्रत्येक अंग को गति मिलती है, फलस्वरूप शरीर में मौजूद एंडोफ्राइन ग्रंथि[1] सुचारु रूप से चलने लगती है, जो कि कई रोगों से छुटकारा दिलाने में सहायक है। हास्य दिवस' का 'विश्व दिवस' के रूप में प्रथम आयोजन 11 जनवरी, 1998 को मुंबई में किया गया था। 'विश्व हास्य योग आंदोलन' की स्थापना का श्रेय डॉ. मदन कटारिया को जाता है। 'विश्व हास्य दिवस' का आरंभ संसार में शांति की स्थापना और मानवमात्र में भाईचारे और सदभाव के उद्देश्य से हुआ है। इस दिवस की लोकप्रियता 'हास्य योग आंदोलन' के माध्यम से पूरी दुनिया में फैल गई। आज पूरे विश्व में छह हज़ार से भी अधिक हास्य क्लब हैं। इस मौके पर विश्व के बहुत से शहरों में रैलियां, गोष्ठियां एवं सम्मेलन आयोजित किये जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि बातचीत करते समय हम जितनी ऑक्सीजन लेते हैं उससे छः गुना अधिक ऑक्सीजन हंसते समय लेते हैं। इस तरह शरीर को अच्छी मात्रा में ऑक्सीजन मिल जाती है। मनोवैज्ञानिक भी तनाव से ग्रसित व्यक्तियों को हंसते रहने की सलाह देते हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि जब आप मुस्कराते हैं तो आपका मस्तिष्क अपने आप सोचने लगता है कि आप खुश हैं- यही प्रक्रिया पूरे शरीर में प्रवाहित करता है और आप सुकून महसूस करने लगते हैं। जब आप हंसना शुरू करते हैं तो शरीर में रक्त का संचार तीव्र होता है। तनाव में भी हंसने की क्षमता हो तो दुःख भी कुछ कम लगने लगता है। हंसने के लाभ भी बहुत होते हैं जैसे- हंसते समय क्रोध नहीं आता। हंसने से आत्मसंतोष के साथ सुखद अनुभूति होती है। हंसना-हंसाना अपनी आदतों में शामिल कीजिए और फिर देखिए तनाव आपके पास फटक तक नहीं पाएगा, साथ ही आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - ३ मई २०२६ खुलकर हंसने पर खुद ब खुद आँखों का बंद हो जाना, हमें बताता है कि अगर हम दुनिया को ना देखे और ना सोचे तो ज्यादा खुश रह सकते है॰ विश्व हास्यदिवस ळी शुभकामनाएं Snouton @ ३ मई २०२६ खुलकर हंसने पर खुद ब खुद आँखों का बंद हो जाना, हमें बताता है कि अगर हम दुनिया को ना देखे और ना सोचे तो ज्यादा खुश रह सकते है॰ विश्व हास्यदिवस ळी शुभकामनाएं Snouton @ - ShareChat