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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - रात गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय। हीरा जन्म अमोल था, कौड़ी बदले जाय।। कबीर साहेब जी रात गंवाई सोय के नींद में जीवन का कीमती समय दिवस गंवाया खाय यूं ही निकल जाता है। खाने -पीने और इन्द्रिय सुखों में दिन भी व्यर्थ चला जाता है। हीरा जन्म अमोल था कौड़ी बदले जाय लेकिन इसे व्यर्थ के कामों में मनुष्य जन्म हीरा समान अमूल्य है। गंवा कर तुच्छ बना लेते हैं। जागो , समय अमूल्य है - इसे व्यर्थ न गंवाओ | और सेवा में लगाओ ।l எழண்I, सुमिरन (೨೧ रात गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय। हीरा जन्म अमोल था, कौड़ी बदले जाय।। कबीर साहेब जी रात गंवाई सोय के नींद में जीवन का कीमती समय दिवस गंवाया खाय यूं ही निकल जाता है। खाने -पीने और इन्द्रिय सुखों में दिन भी व्यर्थ चला जाता है। हीरा जन्म अमोल था कौड़ी बदले जाय लेकिन इसे व्यर्थ के कामों में मनुष्य जन्म हीरा समान अमूल्य है। गंवा कर तुच्छ बना लेते हैं। जागो , समय अमूल्य है - इसे व्यर्थ न गंवाओ | और सेवा में लगाओ ।l எழண்I, सुमिरन (೨೧ - ShareChat