#📿एकादशी🪔🙏 #Varuthini Ekadashi2026 पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 13 अप्रैल को सुबह 1 बजकर 16 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 14 अप्रैल को सुबह 1 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर वैशाख माह की पहली एकादशी यानी वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा। वरुथिनी एकादशी व्रत का पारण 14 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। इस दिन पारण का समय सुबह में 06 बजकर 54 मिनट से लेकर 08 बजकर 31 मिनट तक है।
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Varuthini Ekadashi : कब है वरुथिनी एकादशी ? जानें तिथि, महत्व, कथा और शुभ मुहूर्त
वैशाख मास में दो एकादशी तिथियाँ आती हैं, जिसमें कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि वरुथिनी एकादशी पर व्रत रखने से इस लोक के साथ परलोक में भी पुण्य मिलता है, पद्म पुराण में वैशाख मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी के विषय में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि यमराज और यमलोक के भय से परेशान लोगों को वरूथिनी एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। वरूथिनी एकादशी पर भगवान मधुसूदन की पूजा की जाती है, इस दिन भगवान नारायण के वराह अवतार की पूजा भी किए जाने का विधान है। शास्त्रों में वरूथिनी एकादशी के व्रत को अन्नदान तथा कन्यादान दोनों के समान फलों की प्राप्ति होने वाला कहा गया है।

