अमित कुमार
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,
भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,
तस्मै न काराय नमःशिवाय॥
जिनके गले में नागों का हार है, जिनके तीन नेत्र हैं, जो भस्म को धारण करते हैं और जो दिशाओं को ही अपना वस्त्र मानते हैं, ऐसे दिव्य और शुद्ध महेश्वर को मैं नमन करता हूँ। 🙏🕉️ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌷शुभ सोमवार #🔱हर हर महादेव #भोलेनाथ #🙏जय भोलेनाथ🙏