Wallet Install
Home
Explore
Wallet
Video
Profile
Trends
English
⃝⃙⃨⃔.ᶦϻͣ། ⃪⃮ aj ᴀᴅᴀᴠ꯭⍣◉᭄͜͡⍣⸙ - Author on ShareChat
❣️̸⃝⃙⃨⃔.ᶦϻͣ། ⃪⃮ 🇷aj 🇾 ᴀᴅᴀᴠ𝆺꯭𝅥⍣❥◉᭄͜͡⍣𝆺𝅥⸙
3K views • 1 months ago
#🗣कबीर अमृतवाणी📢 #📖 कविता और कोट्स✒️ #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️
মল মল খীত থাঠী২ ব্ধী धोएँ ना मन का मैल नहाएं गंगा गोमती ফু ঐল ক ঐল মল মল খীত থাঠী২ ব্ধী धोएँ ना मन का मैल नहाएं गंगा गोमती ফু ঐল ক ঐল
65 likes
1 comment • 66 shares

More like this

  • Nature is Beauty - Author on ShareChat
    🌻 Nature is Beauty 🏝️
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢
    O सदे> कबीर, निज सुख आतभ राभ है, दूजा दुःख अपार।  भनसा वाचा कर्मना , कबीर सुभिरन सार। । परमेश्वर कबीर जी ने बताया है कि आत्मा को वास्तविक सुख भावार्थ परमात्मा से मिलता है। इसके अतिरिक्त सर्व असीमित दुख है। जैसे मानव जीवन में पूर्व जन्मों के पुण्य कर्मों से यहाँ पर कितना बड़ा पद प्राप्त है, चाहे राजा भी बना है, यदि नाम जाप अर्थात भक्ति नहीं की तो ८४ लाख प्रकार के प्राणियों के शरीरों में कष्ट उठाना पडेगा जो अपार दुःख है जिसका कोई अन्त नहीं है। अन्त नाम स्मरण से ही होगा, वह मानव जीवन में ही संभव है। इसलिए परमेश्वर कबीर जी ने अति दृढ़ता के साथ कहा है कि मैं मन-्कर्म-्वचन से कह रहा हूँ कि नाम का स्मरण मोक्ष के लिए मूल रूप है। O सदे> कबीर, निज सुख आतभ राभ है, दूजा दुःख अपार।  भनसा वाचा कर्मना , कबीर सुभिरन सार। । परमेश्वर कबीर जी ने बताया है कि आत्मा को वास्तविक सुख भावार्थ परमात्मा से मिलता है। इसके अतिरिक्त सर्व असीमित दुख है। जैसे मानव जीवन में पूर्व जन्मों के पुण्य कर्मों से यहाँ पर कितना बड़ा पद प्राप्त है, चाहे राजा भी बना है, यदि नाम जाप अर्थात भक्ति नहीं की तो ८४ लाख प्रकार के प्राणियों के शरीरों में कष्ट उठाना पडेगा जो अपार दुःख है जिसका कोई अन्त नहीं है। अन्त नाम स्मरण से ही होगा, वह मानव जीवन में ही संभव है। इसलिए परमेश्वर कबीर जी ने अति दृढ़ता के साथ कहा है कि मैं मन-्कर्म-्वचन से कह रहा हूँ कि नाम का स्मरण मोक्ष के लिए मूल रूप है।
    61
    74
  • कबीर दास (साहेब) - Author on ShareChat
    कबीर दास (साहेब)
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢
    चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह| जिन्हें कछु न चाहिए, वो शाहन के शाहIl 10»6 चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह| जिन्हें कछु न चाहिए, वो शाहन के शाहIl 10»6
    37
    22
  • कबीर दास (साहेब) - Author on ShareChat
    कबीर दास (साहेब)
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢
    सत साहेब कबीर प्रसिद्ध दोहा कबीर साहेब जी का साहब काम , क्रोध , मद , लोभ की। जब लग घट में खान। । कह्वां पंडिता | कह्यां मूर्ख दोनों एक समान। | कोध काम है कि जब तक मनुष्य के अर्थ इसका हृदय या शरीर रूपी घर ( घट ) में काम , क्रोध , मद ( अहंकार ) और लोभ  लोभ जैसे दुर्गुणों का भंडार रहता है, HG तब तक ज्ञानी ( पंडित ) और अज्ञानी (मूर्ख) दोनों एक समान हैं। किताबी ज्ञान का कोई महत्त नहीं है मूर्ख और पंडित यदि मन इन बुराइयों से मुक्त न हो। दाना एक समान दोहे का मुख्य संदेश (हदय /शरीर ) मूर्ख और पंडित वास्त्वविक ज्ञान C खान वाहरी ज्ञान या असली ज्ञानी इन युरे जिव तक भन के अज्ञान से फर्क भीतर ये विकार या संत बही ह गुरणों का नहीं पडता  जो इन विकारों  छिपे हें। आंतरिक स्थिति खजाना या खोत।  दोनों की एक का त्याग कर दे। जिसी होती हे। पहले मन के विकारों को त्यागें , तभी सच्चा ज्ञान और मोक्ष संभव है। अतः मन को निर्मल बनाओ , विकारों से मुक्त हो जाओ , परमात्मा को पाओ। মন মEন सत साहेब कबीर प्रसिद्ध दोहा कबीर साहेब जी का साहब काम , क्रोध , मद , लोभ की। जब लग घट में खान। । कह्वां पंडिता | कह्यां मूर्ख दोनों एक समान। | कोध काम है कि जब तक मनुष्य के अर्थ इसका हृदय या शरीर रूपी घर ( घट ) में काम , क्रोध , मद ( अहंकार ) और लोभ  लोभ जैसे दुर्गुणों का भंडार रहता है, HG तब तक ज्ञानी ( पंडित ) और अज्ञानी (मूर्ख) दोनों एक समान हैं। किताबी ज्ञान का कोई महत्त नहीं है मूर्ख और पंडित यदि मन इन बुराइयों से मुक्त न हो। दाना एक समान दोहे का मुख्य संदेश (हदय /शरीर ) मूर्ख और पंडित वास्त्वविक ज्ञान C खान वाहरी ज्ञान या असली ज्ञानी इन युरे जिव तक भन के अज्ञान से फर्क भीतर ये विकार या संत बही ह गुरणों का नहीं पडता  जो इन विकारों  छिपे हें। आंतरिक स्थिति खजाना या खोत।  दोनों की एक का त्याग कर दे। जिसी होती हे। पहले मन के विकारों को त्यागें , तभी सच्चा ज्ञान और मोक्ष संभव है। अतः मन को निर्मल बनाओ , विकारों से मुक्त हो जाओ , परमात्मा को पाओ। মন মEন
    37
    18
  • ꧁༒♛ ♛༒꧂ - Author on ShareChat
    ꧁༒♛🅜︎🅞︎🅗︎🅘︎🅝︎🅘︎ ♛༒꧂
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢 #कबीर अमृतवाणी🥀🍀 #🌸 सत्य वचन
    जन्म पर बांटी मिठाई , पर बनी खीर মৃল্মু 1 ही ना खा पांवे , चाहे राजा हो या फकीर Il A-generated content जन्म पर बांटी मिठाई , पर बनी खीर মৃল্মু 1 ही ना खा पांवे , चाहे राजा हो या फकीर Il A-generated content
    357
    253
  • कबीर दास (साहेब) - Author on ShareChat
    कबीर दास (साहेब)
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢 #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏 प्रेरणादायक विचार
    कबीर साहेब जी 06 की वाणी ४०   सत नाम का सुमिरन कर, मिटे जन्म का फेरा | ou ` कनीर वाणी अमृतघारा, जीवन बने सवेरा ।l 2 एक नाम को जानकर  तीरथ व्रत करि जग मुआ  7 दूजा देई बहाय  जूड़े पानी नहाय  নীথ বন ন৭ ন৭ নর্মী, सत्यनाम जाने विना  काल युगन युग युग खाय। सदगुरु चरण समाय ।। 3 तीर्थ चले दोजना  लाख करो पूजा चाहे, तीर्थ करो हजार  चित चंचल मन चोर। पाप न एको उतरिया  जीवों पर दया नहीं  सव कुछ हे वेकार ।। मन दास लाए और ।l 5 पूजे से हरि मिले  योनि पूजे लिंग पूजे  पत्थर पूजा रहे मल मूत्र | तोर्मै पूर्जू पहाड़ * वेद गीता से नफ़रत करे ताते तो च्कफी भली புரசபகழI पीस खाय संसार ।। 8 पूजने से कुछठना मिले   নবাকু  TTTT ঘনুযা; पत्पर पुस्तक पढने से मिते जञान ।  अफीम ओर शराव  मदिर जाने से अगर भगवान  कौन करेगा बदगी , সিল না आपसे ி येतो भये खराव ।। क्यो मांगे दान।l १० भक्ति भाव में खो गया, जुआ मत खेलो चावरे  जुआ है घर का नाश। धन्ना जाट सुजान  इसी जुआ के कारण  पकड़ी 647, लाठी खेत काटे भगवान ।।  पाडव गए वनवास ।l सतगुरू कबीर साहेब की जय कबीर साहेब जी 06 की वाणी ४०   सत नाम का सुमिरन कर, मिटे जन्म का फेरा | ou ` कनीर वाणी अमृतघारा, जीवन बने सवेरा ।l 2 एक नाम को जानकर  तीरथ व्रत करि जग मुआ  7 दूजा देई बहाय  जूड़े पानी नहाय  নীথ বন ন৭ ন৭ নর্মী, सत्यनाम जाने विना  काल युगन युग युग खाय। सदगुरु चरण समाय ।। 3 तीर्थ चले दोजना  लाख करो पूजा चाहे, तीर्थ करो हजार  चित चंचल मन चोर। पाप न एको उतरिया  जीवों पर दया नहीं  सव कुछ हे वेकार ।। मन दास लाए और ।l 5 पूजे से हरि मिले  योनि पूजे लिंग पूजे  पत्थर पूजा रहे मल मूत्र | तोर्मै पूर्जू पहाड़ * वेद गीता से नफ़रत करे ताते तो च्कफी भली புரசபகழI पीस खाय संसार ।। 8 पूजने से कुछठना मिले   নবাকু  TTTT ঘনুযা; पत्पर पुस्तक पढने से मिते जञान ।  अफीम ओर शराव  मदिर जाने से अगर भगवान  कौन करेगा बदगी , সিল না आपसे ி येतो भये खराव ।। क्यो मांगे दान।l १० भक्ति भाव में खो गया, जुआ मत खेलो चावरे  जुआ है घर का नाश। धन्ना जाट सुजान  इसी जुआ के कारण  पकड़ी 647, लाठी खेत काटे भगवान ।।  पाडव गए वनवास ।l सतगुरू कबीर साहेब की जय
    24
    20
  • Ks Dass - Author on ShareChat
    Ks Dass
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢
    कबीर अमृतवाणी
    13
    18
  • UPE***N***DRA. PA** ND.** IT - Author on ShareChat
    🙏UPE***N***DRA. PA** ND.** IT🙏
    #गरू संत कबिर दास #sant Kabir vani
    गरू संत कबिर दास, sant Kabir vani
    70
    65
Home
Explore
Wallet
Video