(सूरह अल-माइदा: 32)
“जिस किसी ने किसी व्यक्ति को बिना किसी जान के बदले या ज़मीन में फ़साद (उपद्रव/अराजकता फैलाने) के बिना क़त्ल किया, तो मानो उसने पूरी इंसानियत को क़त्ल कर दिया। और जिसने किसी एक जान को बचाया, तो मानो उसने पूरी इंसानियत को बचा लिया। और निश्चय ही उनके पास हमारे रसूल स्पष्ट निशानियाँ लेकर आए, फिर भी उनमें से बहुत से लोग इसके बाद भी धरती में हद से बढ़ने वाले हैं।” #🕌جمعہ مبارک😍 #🌙جمعہ کے اقوال زریں📝 #🕋جمعہ کی خاص تسبیح📿 #📿جمعہ کے دن درود🕌 #🦠کورونا کیسز میں اضافہ


