भगवती की भव्य शाला
भोजशाला भोजशाला।
अर्चना की दिव्य शाला
भोजशाला भोजशाला।।
भक्ति की यह नव्य शाला
भोजशाला भोजशाला।
अब नहीं इस पर है ताला
भोजशाला भोजशाला।।
जिसने है संस्कृति को पाला
भोजशाला भोजशाला।
नृत्य करती-सी ये बाला
भोजशाला भोजशाला।।
शारदा की अक्षमाला
भोजशाला भोजशाला।
ज्ञान का है यह शिवाला
भोजशाला भोजशाला।। #जागो और जगाओ


