#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💰धन के लिए वास्तु टिप्स🔯 #🔯वास्तु दोष उपाय #🔯कुंडली दोष #💰आर्थिक समस्याओं का समाधान🔯 सूर्य राहू योग ग्रहण योग
मित्रों ज्योतिष में राहू को सूर्य पर ग्रहण लगाने वाला माना गया है \ सूर्य रौशनी का कारक ग्रह है और राहू धुवें का | जैसे की आपको पता है की जब आसमान में धुवां छा जाता है तो सूर्य की रौशनी धरती पर आनी कुछ कम हो जाती है याने के राहू सूर्य के प्रभाव को मध्यम कर देता है \ सूर्य सरकार, समाज में हमारे में हमारे मान सम्मान का कारक ग्रह है तो राहू अपयश दोखा फरेब आदि का कारक ग्रह ऐसे में इन दोनों के साथ होने पर मान सम्मान में कमी , सरकार से लाभ में कमी आदि के योग बन जाते है \
किसी की कुंडली में ये योग हो और गोचर में भी जब ऐसा योग बन रहा हो तो जातक को पतन यानी की नोकरी मे निचे के पद आ जाना मान सम्मान में किसी कारण से कमी आ जाना , ऐसे कार्य के लिय जातक को दोषी बना देना जो उसने किया ही न हो , व्यापारी आदमी के कार्य में अचानक से कमी आ जाना , आमदनी कम हो जाना , फ़िज़ूल का खर्च बढ़ जाना , अपने ही दिमाक के कारण यानी गलत निर्यण लेने के कारण अपना नुक्सान कर लेना , ऐसी बिमारी हो जाना जिसके कारण जल्दी से समझ में न आये आदि के योग बन जाते है \ राहू को आग लग जाना , चोरी हो जाना, बुखार से पीड़ित हो जाना आदि का कारक भी माना गया है तो ऐसे में ऐसी घटना जातक के साथ घट जाने के योग बन जाते है |सरकार से झगड़ा यानी की कोई सराकरी लफडा हो जाना भी इनके योग का एक दुस्प्रभाव है |
लेकिन एक ख़ास बात हमे हमेशा ध्यान रखनी होती है की राहू जब सूर्य को ग्रहण लगता है तो सूर्य के दुसरे सिरे पर ग्रहण नही लगा होता यानी की संसार में किसी अन्य जगह सूर्य पूर्ण रूप से उदय अवस्य हुआ होगा यानी की ऐसे जातक की किस्मत में एक जगह हार होगी तो किसी अन्य जगह उसे सहायता अवस्य मिल जायेगी जैसे की सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद सूर्य पूर्ण रूप से चमकता है उसी तरह जातक की किस्मत भी कई बार चमक जाती है \
अब बात आती है उपाय की जो की इस प्रकार है
सूर्य ग्रहण वाले दिन जो को दूध से धोकर जल प्रवाह कर दें ध्यान रखे ऐसा ग्रहण के दोरान करे |यदि आपकी कुंडली में केतु भी आपको अच्छा फल नही दे रहा है तो जो को गाय के मूत्र से धोकर जल प्रवाह करे \ उस दिन दान अवस्य करे | किसी सफाई कर्मचारी को कुछ न कुछ अवस्य दे|
इसके साथ ही सामान्य दिनों में जो को किसी लाल रंग के कपड़े में बांधकर उसे दूध से धोकर घर में किसी वजन के निचे दबाकर रख देना भी इसके लिय उत्तम फल देने वाला उपाय है | इसके साथ ही यदि सूर्य कुंडली का कारक ग्रह है तो उसके मन्त्रो का जप करके उसके रत्नको धारण करके उसे मजबूत करे और राहू की शांति करवा दें उस से सम्बन्धित वस्तुओं का दान करे | ये इन दोनों की युति की आंशिक रूप से विवेचना है बाकी पूर्ण फल और उपाय पूरी कुंडली पर निर्भर करते है \
जय श्री राम


