एस्ट्रो मनोज कौशिक बहल यंत्र मंत्र तंत्र विशेषज्ञ
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#🔯ज्योतिष #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #🔯वास्तु दोष उपाय #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨ #किस_राशि_में_है_आपका_बुध #मेष_राशि में है तो व्यर्थ में धन व्यय के साथ शारीरिक और मानसिक चिंता सताएगी और कार्य पूर्ण होने में संकट दिखेगा। #वृष_ राशि में यह आमदनी बढाता है, नौकरी/व्यापार में उन्नति कराता है, शरीर स्वस्थ रखने के साथ साथ संतान का सुख भी देता है। #मिथुन_राशि में उच्च पद की ओर ले जाता है, विरोधी को काबू में रखता है, व्यापार में लाभ के साथ साथ यश व कीर्ति दिलवाता है, लेकिन शरीर में कुछ बीमारियां भी दे सकता है। #कर्क_राशि में भाग्य साथ नहीं देता कार्यों में विघ्न के साथ साथ समाज में सम्मान भी सही नहीं मिल पाता। #सिंह_राशि में यह अच्छा फल देता है, यह अचानक धन दिलवा सकता है, कार्यो में सफलता के साथ साथ विजय प्राप्ति होती है। #कन्या_राशि में आकर बुध जीवनसाथी से विवाद पैदा करता है,शारीरिक कष्टों के साथ साथ व्यापार में भी नुकसान कराता है। #तुला_राशि का बुध अच्छा प्रभाव देता है यह धन लाभ, अच्छा स्वास्थ्य, यश मान-सम्मान सब दिलवाता है। #वृशिचक_राशि में मन अशांत, संतान से कष्ट या संतान को भी कष्ट संभव है, और ऐसे में व्यक्ति द्वारा बनाई प्लानिंग अक्सर असफल हो जाती है। #धनु_राशि में यह सुख देता है, माता का सुख भी मिलता है जातक को, और जमीन जायदाद की वृद्धि भी कराता है। #मकर_राशि का बुध अंजान भय से ग्रसित कराता है और परिवार के लोगों (cousin) से विवाद भी होता है और धन भी नहीं टिकता। #कुम्भ_राशि का बुध अच्छा फल देता है, जिसमें धन के साथ साथ विद्या की प्राप्ति भी होती है। खान-पान की आदत भी उत्तम प्रकार की डालता है। #मीन_राशि का बुध अच्छा नहीं मानते क्योकि यह भाषा को अप्रिय बनाता है और मन में विश्वासघात जैसी चीज़े भी पनप सकती हैं। धनहानि के साथ साथ लोगों का अनादर करने की पृवत्ति आने लगती है। #उपाए -----अगर कुंडली के सभी ग्रह स्थिति को देखकर किया जाए तो बेहतर।
#📕लाल किताब उपाय🔯 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🐍कालसर्प दोष परिहार #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #किस_राशि_में_है_आपका_बुध #मेष_राशि में है तो व्यर्थ में धन व्यय के साथ शारीरिक और मानसिक चिंता सताएगी और कार्य पूर्ण होने में संकट दिखेगा। #वृष_ राशि में यह आमदनी बढाता है, नौकरी/व्यापार में उन्नति कराता है, शरीर स्वस्थ रखने के साथ साथ संतान का सुख भी देता है। #मिथुन_राशि में उच्च पद की ओर ले जाता है, विरोधी को काबू में रखता है, व्यापार में लाभ के साथ साथ यश व कीर्ति दिलवाता है, लेकिन शरीर में कुछ बीमारियां भी दे सकता है। #कर्क_राशि में भाग्य साथ नहीं देता कार्यों में विघ्न के साथ साथ समाज में सम्मान भी सही नहीं मिल पाता। #सिंह_राशि में यह अच्छा फल देता है, यह अचानक धन दिलवा सकता है, कार्यो में सफलता के साथ साथ विजय प्राप्ति होती है। #कन्या_राशि में आकर बुध जीवनसाथी से विवाद पैदा करता है,शारीरिक कष्टों के साथ साथ व्यापार में भी नुकसान कराता है। #तुला_राशि का बुध अच्छा प्रभाव देता है यह धन लाभ, अच्छा स्वास्थ्य, यश मान-सम्मान सब दिलवाता है। #वृशिचक_राशि में मन अशांत, संतान से कष्ट या संतान को भी कष्ट संभव है, और ऐसे में व्यक्ति द्वारा बनाई प्लानिंग अक्सर असफल हो जाती है। #धनु_राशि में यह सुख देता है, माता का सुख भी मिलता है जातक को, और जमीन जायदाद की वृद्धि भी कराता है। #मकर_राशि का बुध अंजान भय से ग्रसित कराता है और परिवार के लोगों (cousin) से विवाद भी होता है और धन भी नहीं टिकता। #कुम्भ_राशि का बुध अच्छा फल देता है, जिसमें धन के साथ साथ विद्या की प्राप्ति भी होती है। खान-पान की आदत भी उत्तम प्रकार की डालता है। #मीन_राशि का बुध अच्छा नहीं मानते क्योकि यह भाषा को अप्रिय बनाता है और मन में विश्वासघात जैसी चीज़े भी पनप सकती हैं। धनहानि के साथ साथ लोगों का अनादर करने की पृवत्ति आने लगती है। #उपाए -----अगर कुंडली के सभी ग्रह स्थिति को देखकर किया जाए तो बेहतर।
#🔯ज्योतिष #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯वास्तु दोष उपाय*मंत्र- ॐ हौं जूं सः* विधी -अपने या जिसके लिए भी ये प्रयोग करना है उसके नाम या खुद के लिये है तो अपना नाम लेकर संकल्प लेवे ! जल शिवलिंग के निकट छोड दे और उक्त मन्त्र का १०८ बार जाप करे फिर दूध की मिठाई और बेलपत्त लेकर २७ बार यही मंत्र पढ कर शिवलिंग पर से घुमाये ७ बार मंत्र पढते हुये शिव से प्रार्थना करे कि भगवान महामृत्युंजय शिव जी सब रोग नष्ट कर दे ! फिर २७ - २७ बार दोनो को इस मंत्र से अभिमंत्रित करके स्वयम खा ले या रोगी को खिला दे साथ ही जल से भरे के गिलास मे गंगाजल की २ - ५ बूंद डालकर उसे भी अभिमंत्रित कर पिलाये ! सोमवार से ७ दिन करे ! #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨
#📕लाल किताब उपाय🔯 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #🐍कालसर्प दोष परिहार #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 *मंत्र- ॐ हौं जूं सः* विधी -अपने या जिसके लिए भी ये प्रयोग करना है उसके नाम या खुद के लिये है तो अपना नाम लेकर संकल्प लेवे ! जल शिवलिंग के निकट छोड दे और उक्त मन्त्र का १०८ बार जाप करे फिर दूध की मिठाई और बेलपत्त लेकर २७ बार यही मंत्र पढ कर शिवलिंग पर से घुमाये ७ बार मंत्र पढते हुये शिव से प्रार्थना करे कि भगवान महामृत्युंजय शिव जी सब रोग नष्ट कर दे ! फिर २७ - २७ बार दोनो को इस मंत्र से अभिमंत्रित करके स्वयम खा ले या रोगी को खिला दे साथ ही जल से भरे के गिलास मे गंगाजल की २ - ५ बूंद डालकर उसे भी अभिमंत्रित कर पिलाये ! सोमवार से ७ दिन करे !
#🔯ज्योतिष #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #🔯वास्तु दोष उपाय #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨
🔯ज्योतिष - मेरा शंकर ही MERA सर्वेश्वर है मेरा शंकर ही MERA सर्वेश्वर है - ShareChat
#📕लाल किताब उपाय🔯 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🐍कालसर्प दोष परिहार #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
📕लाल किताब उपाय🔯 - मेरा शंकर ही MERA सर्वेश्वर है मेरा शंकर ही MERA सर्वेश्वर है - ShareChat
#🔯ज्योतिष #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯वास्तु दोष उपाय #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨
🔯ज्योतिष - अर्जुन भी भाईचारा निभाने पर अड़े हुए थे महाभारत युद्ध में, श्रीकृष्ण ने समझाया भाईचारे के चक्कर में रहे तो धर्म नहीं बच पाएगा अर्जुन भी भाईचारा निभाने पर अड़े हुए थे महाभारत युद्ध में, श्रीकृष्ण ने समझाया भाईचारे के चक्कर में रहे तो धर्म नहीं बच पाएगा - ShareChat
#🔯ज्योतिष #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨कुंडली के ये योग व्यक्ति को बनाते हैं पागल ज्योतिष के अनुसार कुंडली में कुछ ऐसे योग होते हैं जो व्यक्ति के पागल होने की संभावना बताते हैं। पागलपन की बीमारी किसी को बचपन से ही रहती है तो किसी को बड़ी उम्र में इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पागल होने के योग बन रहे हैं तो ऐसे लोगों को सावधान रहने की जरुरत होती है। ऐसे योगों के अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बताए गए उपाय अपनाने चाहिए। वैसे तो कुंडली में सभी नौ ग्रह अपनी-अपनी प्रकृति के अनुसार किसी ना किसी रोग की सूचना देते हैं, लेकिन कुंडली में दो या दो से अधिक ग्रहों कि युति अपना अलग प्रभाव प्रकट करती है। यह युति रोगों को और जटिल बना देती है। हम आपको कुंडली में ग्रहों के कुछ ऐसे योग बताएंगे जो पागलपन की बीमारी के योग बताते हैं। 1. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में यदि बुध-मंगल एक साथ हों तो ऐसे व्यक्ति को खून से जुड़ा रोग होता है। साथ ही जब मंगल के कारण बुध ज्यादा खराब हो तो यह ब्‍लड प्रेशर की परेशानी देता है। मंगल-बुध दोनों के बहुत अधिक खराब होने की स्‍थिति में व्यक्ति को पागलपन की बीमारी हो जाती है। 2. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्र, बुध की युति केंद्र स्थान में बन रही हो या यह दोनों ग्रह लग्न भाव में स्थित हो तो व्यक्ति उन्मादी या अल्पबुद्धि वाला हो सकता है। 3.जब व्यक्ति की कुंडली के भाग्य एवं संतान भाव में सूर्य, चंद्र हो तो व्यक्ति का मानसिक विकास ठीक से तरिके से नहीं हो पाता और वह मानसिक रुप से कमजोर रह जाता है। 4. यदि कुंडली में मंगल सप्तम स्थान में हो तथा लग्न में गुरु हो तो व्यक्ति के किसी सदमे के कारण पागल होने की आशंका होती है। 5. यदि कुंडली में गुरु और शनि केंद्र में स्थित हो और शनिवार या मंगलवार का जन्म हो तो व्यक्ति पागल हो सकता है। यदि कुंडली में सूर्य-मंगल एक साथ हों अथवा सूर्य-शनि एक साथ हो या फिर सूर्य-शनि और मंगल एक साथ हों तो ऐसे व्यक्ति को क्रोध बहुत अधिक आता है। और इस स्थिती में वह व्यक्ति अपने गुस्से को कंट्रोल नहीं कर पाते। कुंडली के इन योगों के साथ कुछ परिस्थितियों में दूसरे ग्रहों के प्रभाव ये अशुभ फल अपने आप ही नष्ट हो जाते हैं। पूरी कुंडली व ग्रहों का अध्ययन किए बिना कीसी भी कुंडली के व्यक्ति की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। ये हैं पागलपन से बचने के कुछ उपाय 1. किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श लेकर अशुभ योगों का ज्योतिषीय उपचार करवाना चाहिए। 2. प्रतिदिन गौमूत्र का सेवन करना अच्छा होगा। 3. बुध के मंत्रों का जाप करें। 4. हर दिन शिवजी की विधि-विधान से पूजा करें इससे मानसिक शांति मिलती है। 5. बुधवार के दिन गाय को चारा खिलाएं। 6. हनुमान चालीसा का पाठ करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं। #🔯वास्तु दोष उपाय #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
#📕लाल किताब उपाय🔯 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #🐍कालसर्प दोष परिहार #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 कुंडली के ये योग व्यक्ति को बनाते हैं पागल ज्योतिष के अनुसार कुंडली में कुछ ऐसे योग होते हैं जो व्यक्ति के पागल होने की संभावना बताते हैं। पागलपन की बीमारी किसी को बचपन से ही रहती है तो किसी को बड़ी उम्र में इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पागल होने के योग बन रहे हैं तो ऐसे लोगों को सावधान रहने की जरुरत होती है। ऐसे योगों के अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बताए गए उपाय अपनाने चाहिए। वैसे तो कुंडली में सभी नौ ग्रह अपनी-अपनी प्रकृति के अनुसार किसी ना किसी रोग की सूचना देते हैं, लेकिन कुंडली में दो या दो से अधिक ग्रहों कि युति अपना अलग प्रभाव प्रकट करती है। यह युति रोगों को और जटिल बना देती है। हम आपको कुंडली में ग्रहों के कुछ ऐसे योग बताएंगे जो पागलपन की बीमारी के योग बताते हैं। 1. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में यदि बुध-मंगल एक साथ हों तो ऐसे व्यक्ति को खून से जुड़ा रोग होता है। साथ ही जब मंगल के कारण बुध ज्यादा खराब हो तो यह ब्‍लड प्रेशर की परेशानी देता है। मंगल-बुध दोनों के बहुत अधिक खराब होने की स्‍थिति में व्यक्ति को पागलपन की बीमारी हो जाती है। 2. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्र, बुध की युति केंद्र स्थान में बन रही हो या यह दोनों ग्रह लग्न भाव में स्थित हो तो व्यक्ति उन्मादी या अल्पबुद्धि वाला हो सकता है। 3.जब व्यक्ति की कुंडली के भाग्य एवं संतान भाव में सूर्य, चंद्र हो तो व्यक्ति का मानसिक विकास ठीक से तरिके से नहीं हो पाता और वह मानसिक रुप से कमजोर रह जाता है। 4. यदि कुंडली में मंगल सप्तम स्थान में हो तथा लग्न में गुरु हो तो व्यक्ति के किसी सदमे के कारण पागल होने की आशंका होती है। 5. यदि कुंडली में गुरु और शनि केंद्र में स्थित हो और शनिवार या मंगलवार का जन्म हो तो व्यक्ति पागल हो सकता है। यदि कुंडली में सूर्य-मंगल एक साथ हों अथवा सूर्य-शनि एक साथ हो या फिर सूर्य-शनि और मंगल एक साथ हों तो ऐसे व्यक्ति को क्रोध बहुत अधिक आता है। और इस स्थिती में वह व्यक्ति अपने गुस्से को कंट्रोल नहीं कर पाते। कुंडली के इन योगों के साथ कुछ परिस्थितियों में दूसरे ग्रहों के प्रभाव ये अशुभ फल अपने आप ही नष्ट हो जाते हैं। पूरी कुंडली व ग्रहों का अध्ययन किए बिना कीसी भी कुंडली के व्यक्ति की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। ये हैं पागलपन से बचने के कुछ उपाय 1. किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श लेकर अशुभ योगों का ज्योतिषीय उपचार करवाना चाहिए। 2. प्रतिदिन गौमूत्र का सेवन करना अच्छा होगा। 3. बुध के मंत्रों का जाप करें। 4. हर दिन शिवजी की विधि-विधान से पूजा करें इससे मानसिक शांति मिलती है। 5. बुधवार के दिन गाय को चारा खिलाएं। 6. हनुमान चालीसा का पाठ करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं।
#🔯ज्योतिष #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯वास्तु दोष उपायसभी नौ ग्रहों के दोष दूर करने के लिए मोर पंख के उपाय - यदि आप कुंडली में स्थित ग्रहों के बुरे प्रभाव दूर करना चाहते हैं या आपको मंगल शनि या राहु केतु बार-बार परेशान करते हों तो मोर पंख को 21 बार मंत्र सहित पानी के छीटे दीजिए। इसके बाद मोर पंख को घर में किसी श्रेष्ठ स्थान पर स्थापित कीजिए। उसके बाद किस ग्रह के लिए कौन सा मंत्र जपना चाहिए वो इस प्रकार से हैं : सूर्य के लिए उपाय - रविवार के दिन नौ मोर पंख ले कर आएं और पंख के नीचे मैरून रंग का धागा बांध लेँ। इसके बाद एक थाली में पंखों के साथ नौ सुपारियां रखें, गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें। ऊँ सूर्याय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा: – दो नारियल सूर्य भगवान को अर्पित करें। चंद्र के लिए उपाय - सोमवार को आठ मोर पंख ले कर आएं, पंख के नीचे सफेद रंग का धागा बांध लेँ। इसके बाद एक थाली में पंखों के साथ आठ सुपारियां भी रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें। ऊँ सोमाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा: – पांच पान के पत्ते चंद्रमा को अर्पित करें। बर्फी का प्रसाद चढ़ाएं। मंगल के लिए उपाय - मंगलवार को सात मोर पंख ले कर आएं, पंख के नीचे लाल रंग का धागा बांध लेँ। इसके बाद एक थाली में पंखों के साथ सात सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें… ऊँ भू पुत्राय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा: – दो पीपल के पत्तों पर चावल रख कर मंगल देव को अर्पित करें। बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। बुध के लिए उपाय - बुधवार को छ: मोर पंख ले कर आएं। पंख के नीचे हरे रंग का धागा बांध लेँ। एक थाली में पंखों के साथ छ: सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें। ऊँ बुधाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा: – जामुन बुद्ध ग्रह को अर्पित करें। केले के पत्ते पर रखकर मीठी रोटी का प्रसाद चढ़ाएं। गुरु के लिए उपाय - गुरुवार को पांच मोर पंख ले कर आएं। पंख के नीचे पीले रंग का धागा बांध लेँ। एक थाली में पंखों के साथ पांच सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें। ऊँ ब्रहस्पते नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा: – ग्यारह केले बृहस्पति देवता को अर्पित करें। – बेसन का प्रसाद बना कर चढ़ाएं। शुक्र के लिए उपाय - शुक्रवार को चार मोर पंख ले कर आएं। पंख के नीचे गुलाबी रंग का धागा बांध लेँ। एक थाली में पंखों के साथ चार सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें। ऊँ शुक्राय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा: – तीन मीठे पान शुक्र देवता को अर्पित करें। – गुड़-चने का प्रसाद बना कर चढ़ाएं। शनि के लिए उपाय - शनिवार को तीन मोर पंख ले कर आएं। पंख के नीचे काले रंग का धागा बांध लेँ। एक थाली में पंखों के साथ तीन सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें ऊँ शनैश्वराय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा: – तीन मिटटी के दिये तेल सहित शनि देवता को अर्पित करें। – गुलाब जामुन या प्रसाद बना कर चढ़ाएं। राहु के लिए उपाय - शनिवार को सूर्य उदय से पूर्व दो मोर पंख ले कर आएं। पंख के नीचे भूरे रंग का धागा बांध लेँ। एक थाली में पंखों के साथ दो सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें… ऊँ राहवे नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा: – चौमुखा दिया जला कर राहु को अर्पित करें। – कोई भी मीठा प्रसाद बना कर चढ़ाएं। केतु के लिए उपाय - शनिवार को सूर्य अस्त होने के बाद एक मोर पंख ले कर आएं। पंख के नीचे स्लेटी रंग का धागा बांध लेँ। एक थाली में पंख के साथ एक सुपारी रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें। ऊँ केतवे नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा: – पानी के दो कलश भर कर राहु को अर्पित करें। – फलों का प्रसाद चढ़ाएं। घर का वास्तु ठीक करने का उपाय – घर का द्वार यदि वास्तु के विरुद्ध हो तो द्वार पर तीन मोर पंख स्थापित करें। #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨ #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔