एस्ट्रो मनोज कौशिक बहल यंत्र मंत्र तंत्र विशेषज्ञ
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#🔯ज्योतिष #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨ #🔯वास्तु दोष उपाय
🔯ज्योतिष - मैंभी ब्राह्मण हूँ मुझे भी गर्व के साथ घमंड भी है अगर ಹfrlwirr Aನvi बोलोगे तो मुह में लट्ठ पेल लुंगा इसे भी ट्रेडिग में लाओ मैंभी ब्राह्मण हूँ मुझे भी गर्व के साथ घमंड भी है अगर ಹfrlwirr Aನvi बोलोगे तो मुह में लट्ठ पेल लुंगा इसे भी ट्रेडिग में लाओ - ShareChat
#📕लाल किताब उपाय🔯 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🐍कालसर्प दोष परिहार
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पति पत्नी में क्लेश दूर करने के लिए उपाय👍 श्री गणेश जी और शक्ति की उपासना करे | सोते समय पूर्व की और सिरहाना होना चाहिए | चींटियों को शक्कर डालना चाहिए | भोजपत्र पर लाल कलम से पति का नाम लिख कर तथा ” हं हनुमंते नमः ” का 21 बार उच्चारण करे उसे शहद में अच्छी तरह से बंद कर के घर के किसी कोने में रख दे जहाँ पर किसी की दृष्टि न पढ़े | किसी भी बड़ी समस्या के समाधान के लिये समय लेकर📞 सम्पर्क करे.👍9416361308 #ज्योतिष विद्या और☠️ #तन्त्र,🕉️ #मंत्र,🔯 #यंत्र विद्या द्वारा किसी भी समस्या का समाधान कर इनसे निजात पाया जा सकता है जरुरत है सही तरीके से समाधान करने की आप भी अपनी सभी परेशानियों से निजात पाकर अपना जीवन खुशियो से भरे😀😀😀 नोट:- ⚛️जन्मकुंडली ✍️बनवाने के लिए संपर्क करे👍 💯%असली राशि रत्न💎,रुद्राक्ष,📿माला,🔯यंत्र, 🛡️कवच,🐴घोड़े की नाल,🚩वास्तु सामग्री 🥇सर्टिफिकेट वस्तु उचित दर💰में उपलब्ध👍 #🔯ज्योतिष #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨ #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯वास्तु दोष उपाय
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योग एक ऐसा योग है जिसके कारण पीड़ीत को बहुत दु:ख भोगने पड़ते हैं यहां तक की मृत्यु तक का भय सताने लगता है। प्रत्येक माह में सभी 12 राशियां एक बार अवश्य विष योग से पीड़ीत होती हैं। क्योंकि चंद्रमा माह में एक बार जरूर शनि के साथ गोचररत होता है। वही वो समय भी होता है जब सभी राशियां विष योग से प्रभावित होती हैं। कई बार हमारा बना बनाया काम ऐन समय पर ऐसे बिगड़ जाता है कि हमें पता भी नहीं चलता कि ऐसा कब और कैसे हो गया। ऐसे में विष योग के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय जानना बहुत ही आवश्यक होता है। आइये जानते हैं वे दस उपाय जिन्हें अपनाकर आप विष योग के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। विष योग से बचने के उपाय विष योग चूंकि चंद्रमा और शनि की युति के परिणामस्वरूप बनता है तो ऐसे में चंद्रमा और शनि के इस दोष को शांत करने के लिये निम्न उपाय करने चाहिये – पीपल के पेड़ में अनेक देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसलिये धार्मिक दृष्टि से इसका बहुत अधिक महत्व होता है। विष योग से बचने के लिये भी पीपल वृक्ष के नीचे नारियल को सात बार अपने सिर से वार कर फोड़ना चाहिये और इसे प्रसाद रूप में वितरित करना चाहिये। इससे उपाय से विष योग के नकारात्मक प्रभाव से आप बच सकते हैं। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिये शनिवार का दिन बहुत ही अहम माना जाता है यदि यह दिन शनि अमावस्या का हो तो और भी बेहतर रहता है। शनिवार या शनि अमावस्या के अवसर पर संध्या बेला में जब सूर्य अस्त हो चुका हो तो उस समय शनिदेव की प्रतिमा या फिर उनके शिला रूप पर तेल चढ़ाना चाहिये। सरसों के तेल में काली उड़द व काले तिल डालकर उसका दिया जलाना चाहिये। शनिदेव के बीज मंत्र ॐ शं शनैश्चरायै नम: का जाप करते हुए मंत्र के प्रत्येक अक्षर को आक के पत्तों पर काजल व सरसों के तेल से बनी स्याही से लोहे की कील से अलग-अलग पत्तों पर लिखें। यह दस आक के पत्तों पर लिखा जायेगा। तत्पश्चात इन पत्तों को काले धागे से बांधकर माला रूप में शनि प्रतिमा या शिला पर अर्पित करें। शनि मंदिर में गुड़, गुड़ से बनी रेवड़ी, तिल के लड्डू आदि का प्रसाद चढ़ाने के पश्चात इसे वितरीत करें, गाय, कुत्ते व कौओं को भी प्रसाद डालें। यह भी विष योग के विषाक्त प्रभावों को कम करने का कारगर उपाय माना जाता है। पानी से भरे घड़े का शनि या हनुमान मंदिर में दान करना भी विष योग से पीड़ीत जातक को राहत देने वाला माना जाता है। पूर्णमासी के दिन भगवान शिव शंकर के मंदिर में रूद्राभिषेक करवाने से भी विष योग का प्रभाव कम हो सकता है। महामृत्युंजय मंत्र का जाप हर प्रकार के कष्ट से बचने में सहायता करता है। विषयोग के प्रभाव से बचने के लिये भी यदि शुक्ल पक्ष में आने वाले पहले सोमवार को रूद्राक्ष माला से कम से कम पांच माला इस मंत्र का जाप किया जाये तो विषयोग के प्रभाव से बचा सकता है। माता-पिता व घर के बड़े बुजूर्गों के आशीर्वाद से भी हर विपदा का सामना किया जा सकता है। विषयोग के प्रभाव से बचने के लिये नित्य यह नियम अपनायें कि आपको अपने माता-पिता सहित बड़े बुजूर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेना है। इससे भी आप विषयोग के प्रभाव को कम कर सकते हैं। शनिवार के दिन यदि कुंए में दूध अर्पित करें तो इससे भी शनि की कृपा प्राप्त होती है। विष योग का प्रभाव कम होने की मान्यता भी इस उपाय से जुड़ी है। भगवान बजरंग बली हनुमान जिन्हें संकच मोचन भी कहा जाता है इनकी पूजा से भी विष योग से बचा जा सकता है। इसके लिये किसी भी हनुमान मंदिर में या फिर घर के पूजा स्थल में हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष शुद्ध घी का दिया जलाकर अपने गुरु व भगवान श्री हनुमान का आह्वान करते हुए कम से कम 49 पाठ सुंदरकांड के किये या करवाये जायें तो विषयोग को निष्प्रभावी किया जा सकता है। भगवान श्री हनुमान जी को शुद्ध घी व सिंदूर बहुत प्रिय माने जाते हैं अत: मान्यता है कि घी व सिंदूर का चोला चढ़ाकर हनुमत प्रतिमा के दांये पैर के सिंदूर को मस्तक पर धारण किया जाये तो विष योग जैसे हर कष्ट से बचा जा सकता है। उपरोक्त बताये गये सभी उपाय आम धारणाओं मान्यताओं पर आधारित हैं। #🔯ज्योतिष #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨ #🔯वास्तु दोष उपाय
#📕लाल किताब उपाय🔯 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🐍कालसर्प दोष परिहार योग एक ऐसा योग है जिसके कारण पीड़ीत को बहुत दु:ख भोगने पड़ते हैं यहां तक की मृत्यु तक का भय सताने लगता है। प्रत्येक माह में सभी 12 राशियां एक बार अवश्य विष योग से पीड़ीत होती हैं। क्योंकि चंद्रमा माह में एक बार जरूर शनि के साथ गोचररत होता है। वही वो समय भी होता है जब सभी राशियां विष योग से प्रभावित होती हैं। कई बार हमारा बना बनाया काम ऐन समय पर ऐसे बिगड़ जाता है कि हमें पता भी नहीं चलता कि ऐसा कब और कैसे हो गया। ऐसे में विष योग के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय जानना बहुत ही आवश्यक होता है। आइये जानते हैं वे दस उपाय जिन्हें अपनाकर आप विष योग के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। विष योग से बचने के उपाय विष योग चूंकि चंद्रमा और शनि की युति के परिणामस्वरूप बनता है तो ऐसे में चंद्रमा और शनि के इस दोष को शांत करने के लिये निम्न उपाय करने चाहिये – पीपल के पेड़ में अनेक देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसलिये धार्मिक दृष्टि से इसका बहुत अधिक महत्व होता है। विष योग से बचने के लिये भी पीपल वृक्ष के नीचे नारियल को सात बार अपने सिर से वार कर फोड़ना चाहिये और इसे प्रसाद रूप में वितरित करना चाहिये। इससे उपाय से विष योग के नकारात्मक प्रभाव से आप बच सकते हैं। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिये शनिवार का दिन बहुत ही अहम माना जाता है यदि यह दिन शनि अमावस्या का हो तो और भी बेहतर रहता है। शनिवार या शनि अमावस्या के अवसर पर संध्या बेला में जब सूर्य अस्त हो चुका हो तो उस समय शनिदेव की प्रतिमा या फिर उनके शिला रूप पर तेल चढ़ाना चाहिये। सरसों के तेल में काली उड़द व काले तिल डालकर उसका दिया जलाना चाहिये। शनिदेव के बीज मंत्र ॐ शं शनैश्चरायै नम: का जाप करते हुए मंत्र के प्रत्येक अक्षर को आक के पत्तों पर काजल व सरसों के तेल से बनी स्याही से लोहे की कील से अलग-अलग पत्तों पर लिखें। यह दस आक के पत्तों पर लिखा जायेगा। तत्पश्चात इन पत्तों को काले धागे से बांधकर माला रूप में शनि प्रतिमा या शिला पर अर्पित करें। शनि मंदिर में गुड़, गुड़ से बनी रेवड़ी, तिल के लड्डू आदि का प्रसाद चढ़ाने के पश्चात इसे वितरीत करें, गाय, कुत्ते व कौओं को भी प्रसाद डालें। यह भी विष योग के विषाक्त प्रभावों को कम करने का कारगर उपाय माना जाता है। पानी से भरे घड़े का शनि या हनुमान मंदिर में दान करना भी विष योग से पीड़ीत जातक को राहत देने वाला माना जाता है। पूर्णमासी के दिन भगवान शिव शंकर के मंदिर में रूद्राभिषेक करवाने से भी विष योग का प्रभाव कम हो सकता है। महामृत्युंजय मंत्र का जाप हर प्रकार के कष्ट से बचने में सहायता करता है। विषयोग के प्रभाव से बचने के लिये भी यदि शुक्ल पक्ष में आने वाले पहले सोमवार को रूद्राक्ष माला से कम से कम पांच माला इस मंत्र का जाप किया जाये तो विषयोग के प्रभाव से बचा सकता है। माता-पिता व घर के बड़े बुजूर्गों के आशीर्वाद से भी हर विपदा का सामना किया जा सकता है। विषयोग के प्रभाव से बचने के लिये नित्य यह नियम अपनायें कि आपको अपने माता-पिता सहित बड़े बुजूर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेना है। इससे भी आप विषयोग के प्रभाव को कम कर सकते हैं। शनिवार के दिन यदि कुंए में दूध अर्पित करें तो इससे भी शनि की कृपा प्राप्त होती है। विष योग का प्रभाव कम होने की मान्यता भी इस उपाय से जुड़ी है। भगवान बजरंग बली हनुमान जिन्हें संकच मोचन भी कहा जाता है इनकी पूजा से भी विष योग से बचा जा सकता है। इसके लिये किसी भी हनुमान मंदिर में या फिर घर के पूजा स्थल में हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष शुद्ध घी का दिया जलाकर अपने गुरु व भगवान श्री हनुमान का आह्वान करते हुए कम से कम 49 पाठ सुंदरकांड के किये या करवाये जायें तो विषयोग को निष्प्रभावी किया जा सकता है। भगवान श्री हनुमान जी को शुद्ध घी व सिंदूर बहुत प्रिय माने जाते हैं अत: मान्यता है कि घी व सिंदूर का चोला चढ़ाकर हनुमत प्रतिमा के दांये पैर के सिंदूर को मस्तक पर धारण किया जाये तो विष योग जैसे हर कष्ट से बचा जा सकता है। उपरोक्त बताये गये सभी उपाय आम धारणाओं मान्यताओं पर आधारित हैं।
#🔯ज्योतिष #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨दो प्रकार की ऊर्जा कहने को तो सभी कहते हैं कि हमें अपने वातावरण को साफ एवं सवच्छ रखना चाहिए, गंदगी नहीं फैलानी चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। लेकिन ऐसा बहुत कम लोग करते हैं। शायद इसलिए क्योंकि वे सकारात्मक ऊर्जा का महत्व नहीं समझते। 2 / 25 अच्छी ऊर्जा है जरूरी दो प्रकार की ऊर्जाएं होती हैं – सकारात्मक और नकारात्मक जिसे आप आम बोलचाल की भाषा में पॉजिटिव एवं निगेटिव ऊर्जा कहते हैं। ये ऊर्जाएं हमारे आसपास के वातावरण एवं वस्तुओं में होती हैं, लेकिन इसका हमारे ऊपर खास प्रभाव पड़ता है। 3 / 25 निगेटिव ऊर्जा को पहचानें यदि हमारे आसपास ढेर सारी पॉजिटिव एनर्जी होगी तो हमें सब अच्छा लगता है। हम खुशी को महसूस कर पाते हैं। वातावरण में हमें कुछ खास ऊर्जा का एहसास होता है जिसके होने से हमें सुकून मिलता है, लेकिन निगेटिव ऊर्जा इससे बिल्कुल उल्टा असर करती है। 4 / 25 निगेटिव एनर्जी का होना यदि आसपास अधिक निगेटिव एनर्जी हो तो कुछ भी अच्छा नहीं लगता। हम दुखी महसूस करते हैं, बिना किसी बात पर चिड़-चिड़ाहट होने लगती है। हमें खुद से और अपने आसपास की वस्तुओं से परेशानी होने लगती है। 5 / 25 यह हमें दिखाई नहीं देती निगेटिव एनर्जी हमें दिखाई तो नहीं देती, लेकिन यह अपना असर जरूर दिखाती है। क्या आप जानते हैं जिस घर में ज्यादा निगेटिव एनर्जी हो वहां अजीब-सी महक आती है। ऐसे घर में रखे हुए पेड़-पौधे ही मुरझाने लगते है, क्योंकि उन्हें वैसा वातावरण नहीं मिलता जिसमें वह पनप सकें। 6 / 25 करती है बुरा प्रभाव साफ शब्दों में कहें तो ऐसे घर की ग्रोथ रुक जाती है। घर के लोगों से लेकर जीव, पेड़-पौधे और वस्तुएं तक निगेटिव ऊर्जा से प्रभावित होती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इस ऊर्जा को घर से बाहर करने के लिए कुछ प्रयास किए जाएं। 7 / 25 कैसे पहचानें लेकिन आप कैसे पहचानेंगे कि आपके घर में या आपके आसपास नकारात्मक ऊर्जा का वास है? इसके भी कई तरीके हैं.... उदाहरण के लिए क्या आपको कभी महसूस होता है कि हर विषय में आप निगेटिव सोच लेकर आते हैं? कोई भी विषय हो, आप अच्छी बात या पोजिटिव बात नहीं सोच पाते। 8 / 25 कुछ उदाहरण यदि ऐसा है तो यह आपके आसपस मौजूद निगेटिव ऊर्जा का असर हो सकता है। इसके अलावा क्या आपके साथ ऐसा होता है कि दिनभर घर से बाहर रहने पर आप खुश रहते हैं लेकिन घर में प्रवेश करते ही मूड बदल जाता है? 9 / 25 आपकी चिड़चिड़ाहट कारण आप नहीं जानते लेकिन घर में दाखिल होते ही चिड़चिड़ाहट का आना घर में नकारात्मक ऊर्जा के होने का संकेत देता है। इसलिए आपको इसे हल्के में ना लेते हुए तुरंत कुछ उपाय करने चाहिए। 10 / 25 जानिए कुछ उपाय यहां हम आपको घर, ऑफिस या कहीं से भी निगेटिव एनर्जी को भगाने के 6 आसान टिप्स बताने जा रहे हैं। ये टिप्स एक तो बेहद आसान हैं और दूसरा इन्हें करने में आपका अधिक पैसा भी खर्च नहीं होगा। 11 / 25 ताली बजाएं निगेटिव एनर्जी को दूर भगाने का इससे आसान तरीका कोई नहीं हो सकता। यदि आपको लगता है कि आपके घर या ऑफिस का कोई एक कमरा या कोई खास कोना, निगेटिव एनर्जी से ग्रस्त है तो वहां जाएं और पूरे विश्वास के साथ जोर-जोर से ताली बजाएं। 12 / 25 ताली बजाने के फायदे ऐसा करते हुए आपके मन और दिमाग में सकारात्मक विचार होने चाहिए, तभी यह उपाय काम करेगा। ताली बजाने से जो आवाज उत्पन्न होगी उससे निगेटिव ऊर्जा खत्म हो जाती है। 13 / 25 वस्तुओं को सही स्थान दें घर या ऑफिस में जो जगह जिस काम के लिए बनी है, उसे उसी काम के लिए उपयोग में लाएं। उदाहरण के लिए घर के बेडरूम में वही सामान हो जो सोने के लिए काम आए। 14 / 25 गलत चीजें हटाएं जैसे कि बेड और लाइट, लेकिन यहां पड़ा मेज, कबाड़ की वस्तुएं जो किसी काम की नहीं हैं, यही निगेटिव ऊर्जा को लाती हैं। इसलिए इन्हें निकाल तुरंत बाहर कर दें। 15 / 25 प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का लें सहारा जब लगे कि आपका घर बहुत सारी नकारात्मक ऊर्जा की चपेट में आ गया है, तो आपको प्राकृतिक तरीका अपनाना चाहिए। सुगंधित जड़ी-बूटियां लाएं, जो ताजा हों, मुरझाई या सूखी हुई ना हों। 16 / 25 इन्हें जलाएं इन्हें लाकर घर में जलाएं और संभव हो तो इससे उत्पन्न होने वाले धुएं को घर के एक-एक कोने तक लेकर जाएं। ताकि हर कोने से निगेटिव एनर्जी का खात्मा हो सके। 17 / 25 नकारात्मक ऊर्जा होगी खत्म इन जड़ी-बूटियों से उत्पन्न होने वाला सुगंधित धुंआ घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करेगा। इसके साथ ही यह अपनी खुशबू से घर में सकारात्मक ऊर्जा लाएगा भी। 18 / 25 सभी जगह जलाएं एक बात का ध्यान रहे, कि यह उपाय करते समय घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और एक बारी में कम मात्रा में ही जड़ी-बूटियां जलाएं, ताकि घर के भीतर अधिक धुंआ ना भर जाए। 19 / 25 साफ-सफाई का ध्यान रखें यह बात सभी जानते हैं, लेकिन हर कोई मानता नहीं है। साफ-सफाई ही सबसे सीधा और आसान तरीका है, जिससे घर में निगेटिव एनर्जी नहीं आती और यदि आए भी तो इसके माध्यम से दूर की जा सकती है। 20 / 25 नहीं तो आएगी निगेटिव एनर्जी घर में वस्तुओं पर जमा हो रही धूल, जगह-जगह लगे मकड़ी के जाले, काम में ना आ रही बेकार वस्तुएं, जब इनकी सफाई की जाती है तो नकारात्मक ऊर्जा अपने आप ही घर से बाहर चली जाती है। 21 / 25 घर में हरियाली लाएं खुशबूदार फूल और वह पौधे लगाएं जो सेहत के लिए अच्छे हैं, जैसे कि नीम, तुलसी, पुदीना, आदि। ये वे पौधे हैं जो घर के जिस स्थान में लगे हों वहां का वातावरण सुखमय तो बनाते ही हैं, साथ ही घर वालों को अच्छी सेहत भी देते हैं। 22 / 25 तुल्सी का पौधा इस तरह के पौधे लगाने से वातावरण में मौजूद कीटों का नाश होता है। तुलसी, जो कि एक एंटी-आक्सीडेंट पौधा माना जाता है, इसे हर घर में जरूर लगाना चाहिए। इसलिए संभव हो तो घर के जितने कोनों में पौधे लगा सकते हैं, लगाइए। 23 / 25 पुन: व्यवस्थित करना जी हां... आपको घर के सभी सामान को पुन: व्यवस्थित करना चाहिए। कम से कम महीने में एक बार। वैसे यह संभव तो नहीं है, क्योंकि भारी फर्नीचर हर महीने नई जगह पर लाना मशक्कत का काम है। लेकिन आप जितनी वस्तुएं हिला सकते हैं, कम से कम उतना जरूर करें। 24 / 25 महीने में एक बार करें क्योंकि एक ही जगह पर महीनों से पड़ा मेज़ उस जगह को निगेटिव एनर्जी से भर देता है। यदि उसका स्थान बदल दिया जाए तो एक तो उस जगह की नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा और दूसरा उस जगह पर नई चीज लाने से सकारात्मक ऊर्जा आएगी। 25 / 25 कोशिश करें #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯वास्तु दोष उपाय
#📕लाल किताब उपाय🔯 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🐍कालसर्प दोष परिहार दो प्रकार की ऊर्जा कहने को तो सभी कहते हैं कि हमें अपने वातावरण को साफ एवं सवच्छ रखना चाहिए, गंदगी नहीं फैलानी चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। लेकिन ऐसा बहुत कम लोग करते हैं। शायद इसलिए क्योंकि वे सकारात्मक ऊर्जा का महत्व नहीं समझते। 2 / 25 अच्छी ऊर्जा है जरूरी दो प्रकार की ऊर्जाएं होती हैं – सकारात्मक और नकारात्मक जिसे आप आम बोलचाल की भाषा में पॉजिटिव एवं निगेटिव ऊर्जा कहते हैं। ये ऊर्जाएं हमारे आसपास के वातावरण एवं वस्तुओं में होती हैं, लेकिन इसका हमारे ऊपर खास प्रभाव पड़ता है। 3 / 25 निगेटिव ऊर्जा को पहचानें यदि हमारे आसपास ढेर सारी पॉजिटिव एनर्जी होगी तो हमें सब अच्छा लगता है। हम खुशी को महसूस कर पाते हैं। वातावरण में हमें कुछ खास ऊर्जा का एहसास होता है जिसके होने से हमें सुकून मिलता है, लेकिन निगेटिव ऊर्जा इससे बिल्कुल उल्टा असर करती है। 4 / 25 निगेटिव एनर्जी का होना यदि आसपास अधिक निगेटिव एनर्जी हो तो कुछ भी अच्छा नहीं लगता। हम दुखी महसूस करते हैं, बिना किसी बात पर चिड़-चिड़ाहट होने लगती है। हमें खुद से और अपने आसपास की वस्तुओं से परेशानी होने लगती है। 5 / 25 यह हमें दिखाई नहीं देती निगेटिव एनर्जी हमें दिखाई तो नहीं देती, लेकिन यह अपना असर जरूर दिखाती है। क्या आप जानते हैं जिस घर में ज्यादा निगेटिव एनर्जी हो वहां अजीब-सी महक आती है। ऐसे घर में रखे हुए पेड़-पौधे ही मुरझाने लगते है, क्योंकि उन्हें वैसा वातावरण नहीं मिलता जिसमें वह पनप सकें। 6 / 25 करती है बुरा प्रभाव साफ शब्दों में कहें तो ऐसे घर की ग्रोथ रुक जाती है। घर के लोगों से लेकर जीव, पेड़-पौधे और वस्तुएं तक निगेटिव ऊर्जा से प्रभावित होती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इस ऊर्जा को घर से बाहर करने के लिए कुछ प्रयास किए जाएं। 7 / 25 कैसे पहचानें लेकिन आप कैसे पहचानेंगे कि आपके घर में या आपके आसपास नकारात्मक ऊर्जा का वास है? इसके भी कई तरीके हैं.... उदाहरण के लिए क्या आपको कभी महसूस होता है कि हर विषय में आप निगेटिव सोच लेकर आते हैं? कोई भी विषय हो, आप अच्छी बात या पोजिटिव बात नहीं सोच पाते। 8 / 25 कुछ उदाहरण यदि ऐसा है तो यह आपके आसपस मौजूद निगेटिव ऊर्जा का असर हो सकता है। इसके अलावा क्या आपके साथ ऐसा होता है कि दिनभर घर से बाहर रहने पर आप खुश रहते हैं लेकिन घर में प्रवेश करते ही मूड बदल जाता है? 9 / 25 आपकी चिड़चिड़ाहट कारण आप नहीं जानते लेकिन घर में दाखिल होते ही चिड़चिड़ाहट का आना घर में नकारात्मक ऊर्जा के होने का संकेत देता है। इसलिए आपको इसे हल्के में ना लेते हुए तुरंत कुछ उपाय करने चाहिए। 10 / 25 जानिए कुछ उपाय यहां हम आपको घर, ऑफिस या कहीं से भी निगेटिव एनर्जी को भगाने के 6 आसान टिप्स बताने जा रहे हैं। ये टिप्स एक तो बेहद आसान हैं और दूसरा इन्हें करने में आपका अधिक पैसा भी खर्च नहीं होगा। 11 / 25 ताली बजाएं निगेटिव एनर्जी को दूर भगाने का इससे आसान तरीका कोई नहीं हो सकता। यदि आपको लगता है कि आपके घर या ऑफिस का कोई एक कमरा या कोई खास कोना, निगेटिव एनर्जी से ग्रस्त है तो वहां जाएं और पूरे विश्वास के साथ जोर-जोर से ताली बजाएं। 12 / 25 ताली बजाने के फायदे ऐसा करते हुए आपके मन और दिमाग में सकारात्मक विचार होने चाहिए, तभी यह उपाय काम करेगा। ताली बजाने से जो आवाज उत्पन्न होगी उससे निगेटिव ऊर्जा खत्म हो जाती है। 13 / 25 वस्तुओं को सही स्थान दें घर या ऑफिस में जो जगह जिस काम के लिए बनी है, उसे उसी काम के लिए उपयोग में लाएं। उदाहरण के लिए घर के बेडरूम में वही सामान हो जो सोने के लिए काम आए। 14 / 25 गलत चीजें हटाएं जैसे कि बेड और लाइट, लेकिन यहां पड़ा मेज, कबाड़ की वस्तुएं जो किसी काम की नहीं हैं, यही निगेटिव ऊर्जा को लाती हैं। इसलिए इन्हें निकाल तुरंत बाहर कर दें। 15 / 25 प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का लें सहारा जब लगे कि आपका घर बहुत सारी नकारात्मक ऊर्जा की चपेट में आ गया है, तो आपको प्राकृतिक तरीका अपनाना चाहिए। सुगंधित जड़ी-बूटियां लाएं, जो ताजा हों, मुरझाई या सूखी हुई ना हों। 16 / 25 इन्हें जलाएं इन्हें लाकर घर में जलाएं और संभव हो तो इससे उत्पन्न होने वाले धुएं को घर के एक-एक कोने तक लेकर जाएं। ताकि हर कोने से निगेटिव एनर्जी का खात्मा हो सके। 17 / 25 नकारात्मक ऊर्जा होगी खत्म इन जड़ी-बूटियों से उत्पन्न होने वाला सुगंधित धुंआ घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करेगा। इसके साथ ही यह अपनी खुशबू से घर में सकारात्मक ऊर्जा लाएगा भी। 18 / 25 सभी जगह जलाएं एक बात का ध्यान रहे, कि यह उपाय करते समय घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और एक बारी में कम मात्रा में ही जड़ी-बूटियां जलाएं, ताकि घर के भीतर अधिक धुंआ ना भर जाए। 19 / 25 साफ-सफाई का ध्यान रखें यह बात सभी जानते हैं, लेकिन हर कोई मानता नहीं है। साफ-सफाई ही सबसे सीधा और आसान तरीका है, जिससे घर में निगेटिव एनर्जी नहीं आती और यदि आए भी तो इसके माध्यम से दूर की जा सकती है। 20 / 25 नहीं तो आएगी निगेटिव एनर्जी घर में वस्तुओं पर जमा हो रही धूल, जगह-जगह लगे मकड़ी के जाले, काम में ना आ रही बेकार वस्तुएं, जब इनकी सफाई की जाती है तो नकारात्मक ऊर्जा अपने आप ही घर से बाहर चली जाती है। 21 / 25 घर में हरियाली लाएं खुशबूदार फूल और वह पौधे लगाएं जो सेहत के लिए अच्छे हैं, जैसे कि नीम, तुलसी, पुदीना, आदि। ये वे पौधे हैं जो घर के जिस स्थान में लगे हों वहां का वातावरण सुखमय तो बनाते ही हैं, साथ ही घर वालों को अच्छी सेहत भी देते हैं। 22 / 25 तुल्सी का पौधा इस तरह के पौधे लगाने से वातावरण में मौजूद कीटों का नाश होता है। तुलसी, जो कि एक एंटी-आक्सीडेंट पौधा माना जाता है, इसे हर घर में जरूर लगाना चाहिए। इसलिए संभव हो तो घर के जितने कोनों में पौधे लगा सकते हैं, लगाइए। 23 / 25 पुन: व्यवस्थित करना जी हां... आपको घर के सभी सामान को पुन: व्यवस्थित करना चाहिए। कम से कम महीने में एक बार। वैसे यह संभव तो नहीं है, क्योंकि भारी फर्नीचर हर महीने नई जगह पर लाना मशक्कत का काम है। लेकिन आप जितनी वस्तुएं हिला सकते हैं, कम से कम उतना जरूर करें। 24 / 25 महीने में एक बार करें क्योंकि एक ही जगह पर महीनों से पड़ा मेज़ उस जगह को निगेटिव एनर्जी से भर देता है। यदि उसका स्थान बदल दिया जाए तो एक तो उस जगह की नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा और दूसरा उस जगह पर नई चीज लाने से सकारात्मक ऊर्जा आएगी। 25 / 25 कोशिश करें
शास्त्रो के अनुसार विवाह योग्य वर, कन्या का सही समय पर विवाह अवश्य ही हो जाना चाहिए । लेकिन कई बार लाख प्रयास के बाद भी अच्छा रिश्ता नहीं मिलता है, समय पर या जल्दी शादी के योग नहीं बन पाते है । यदि किसी के विवाह में विलम्ब हो रहा हो, उम्र बढ़ती जा रही हो, तो उसे श्रृद्धा से ज्योतिष के जल्दी शादी के उपाय करने चाहिए, जानिए जल्दी शादी के उपाय, शादी जल्दी करवाने के उपाय जो विवाह योग्य जातको को अवश्य ही शुभ फल देंगे । गुरुवार को बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए पीले रंग की वस्तुएं चढ़ानी चाहिए। पीले रंग की वस्तुएं जैसे हल्दी, पीला फल, पीले रंग का वस्त्र, पीले फूल, केला, चने की दाल आदि इसी तरह की वस्तुएं गुरु ग्रह को चढ़ानी चाहिए। साथ ही शीघ्र विवाह की इच्छा रखने वाले युवाओं को गुरुवार के दिन व्रत रखना चाहिए। इस व्रत में खाने में पीले रंग का खाना ही खाएं, जैसे चने की दाल, पीले फल, केले खाने चाहिए। इस दिन व्रत करने वाले को पीले रंग के वस्त्र ही पहनने चाहिए। ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे नम: ॥ मंत्र का पांच माला प्रति गुरुवार जप करें। अगर किसी का विवाह कुण्डली के मांगलिक योग के कारण नहीं हो पा रहा है, तो ऎसे व्यक्ति को मंगल वार के दिन चण्डिका स्तोत्र का पाठ तथा शनिवार के दिन सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए. इससे भी विवाह के मार्ग की बाधाओं में कमी होती है. शिव-पार्वती का पूजन करने से भी विवाह की मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं। इसके लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध, बिल्व पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि चढ़ाकर विधिवत पूजन करें। जिन व्यक्तियों की विवाह की आयु हो चुकी है. परन्तु विवाह संपन्न होने में बाधा आ रही है उन व्यक्तियों को यह उपाय करना चाहिए. इस उपाय में शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार को प्रात: स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में इन्हें प्रवाहित कर दें| यदि आपको प्रेम विवाह में अडचने आ रही हैं तो :—- शुक्ल पक्ष के गुरूवार से शुरू करके विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ती या फोटो के आगे “ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का रोज़ तीन माला जाप स्फटिक माला पर करें ! इसे शुक्ल पक्ष के गुरूवार से ही शुरू करें ! तीन महीने तक हर गुरूवार को मंदिर में प्रशाद चढांए और विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करें ! शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार को सात केले, सात गौ ग्राम गुड़ और एक नारियल लेकर किसी नदी या सरोवर पर जाएं। अब कन्या को वस्त्र सहित नदी के जल में स्नान कराकर उसके ऊपर से जटा वाला नारियल ऊसारकर नदी में प्रवाहित कर दें। इसके बाद थोड़ा गुड़ व एक केला चंद्रदेव के नाम पर व इतनी ही सामग्री सूर्यदेव के नाम पर नदी के किनारे रखकर उन्हें प्रणाम कर लें। थोड़े से गुड़ को प्रसाद के रूप में कन्या स्वयं खाएं और शेष सामग्री को गाय को खिला दें। इस टोटके से कन्या का विवाह शीघ्र ही हो जाएगा। शादी वाले दिन से एक दिन पहले एक ईंट के ऊपर कोयले से “बाधायें” लिखकर ईंट को उल्टा करके किसी सुरक्षित स्थान पर रख दीजिये,और शादी के बाद उस ईंट को उठाकर किसी पानी वाले स्थान पर डाल कर ऊपर से कुछ खाने का सामान डाल दीजिये, विवाह के समय और विवाह के बाद में वर/वधु के दाम्पत्य जीवन में बाधायें नहीं आयेंगी, यह काम वर - वधु या उनके घर का कोई भी सदस्य कर सकता है लेकिन यह काम बिल्कुल चुपचाप करना चाहिए । बृहस्पति, शुक्र, बुद्ध और सोम इन वारों में विवाह करने से कन्या सौभाग्यवती होती है। विवाह में चतुर्दशी, नवमी इन तिथियों को त्याग देना चाहिए। विवाह के पश्चात एक वर्ष तक पिण्डदान,मृक्ति का स्नान, तिलतर्पण, तीर्थयात्रा,मुण्डन,प्रेतानुगमन आदि नहीं करना चाहिये. जिन लड़कों का विवाह नहीं हो रहा हो या प्रेम विवाह में विलंब हो रहा हो, उन्हें शीघ्र मनपसंद विवाह के लिए श्रीकृष्ण के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए । शीघ्र विवाह के लिए भगवान श्री कृष्ण का मन्त्र "क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा।" यदि किसी कन्या का विवाह नहीं हो पा रहा है तो वह कन्या आज विवाह की कामना से भगवान श्रीगणेश को मालपुए का भोग लगाए तो शीघ्र ही उसका विवाह हो जाता है। यदि किसी युवक के विवाह में परेशानियां आ रही हैं तो वह भगवान श्रीगणेश को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं तो उसका विवाह भी जल्दी हो जाता हैं #🔯ज्योतिष #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #🔯दैनिक वास्तु टिप्स✅ #🔯नक्षत्रों के प्रभाव✨ #🔯वास्तु दोष उपाय
#📕लाल किताब उपाय🔯 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🐍कालसर्प दोष परिहार शास्त्रो के अनुसार विवाह योग्य वर, कन्या का सही समय पर विवाह अवश्य ही हो जाना चाहिए । लेकिन कई बार लाख प्रयास के बाद भी अच्छा रिश्ता नहीं मिलता है, समय पर या जल्दी शादी के योग नहीं बन पाते है । यदि किसी के विवाह में विलम्ब हो रहा हो, उम्र बढ़ती जा रही हो, तो उसे श्रृद्धा से ज्योतिष के जल्दी शादी के उपाय करने चाहिए, जानिए जल्दी शादी के उपाय, शादी जल्दी करवाने के उपाय जो विवाह योग्य जातको को अवश्य ही शुभ फल देंगे । गुरुवार को बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए पीले रंग की वस्तुएं चढ़ानी चाहिए। पीले रंग की वस्तुएं जैसे हल्दी, पीला फल, पीले रंग का वस्त्र, पीले फूल, केला, चने की दाल आदि इसी तरह की वस्तुएं गुरु ग्रह को चढ़ानी चाहिए। साथ ही शीघ्र विवाह की इच्छा रखने वाले युवाओं को गुरुवार के दिन व्रत रखना चाहिए। इस व्रत में खाने में पीले रंग का खाना ही खाएं, जैसे चने की दाल, पीले फल, केले खाने चाहिए। इस दिन व्रत करने वाले को पीले रंग के वस्त्र ही पहनने चाहिए। ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे नम: ॥ मंत्र का पांच माला प्रति गुरुवार जप करें। अगर किसी का विवाह कुण्डली के मांगलिक योग के कारण नहीं हो पा रहा है, तो ऎसे व्यक्ति को मंगल वार के दिन चण्डिका स्तोत्र का पाठ तथा शनिवार के दिन सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए. इससे भी विवाह के मार्ग की बाधाओं में कमी होती है. शिव-पार्वती का पूजन करने से भी विवाह की मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं। इसके लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध, बिल्व पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि चढ़ाकर विधिवत पूजन करें। जिन व्यक्तियों की विवाह की आयु हो चुकी है. परन्तु विवाह संपन्न होने में बाधा आ रही है उन व्यक्तियों को यह उपाय करना चाहिए. इस उपाय में शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार को प्रात: स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में इन्हें प्रवाहित कर दें| यदि आपको प्रेम विवाह में अडचने आ रही हैं तो :—- शुक्ल पक्ष के गुरूवार से शुरू करके विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ती या फोटो के आगे “ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का रोज़ तीन माला जाप स्फटिक माला पर करें ! इसे शुक्ल पक्ष के गुरूवार से ही शुरू करें ! तीन महीने तक हर गुरूवार को मंदिर में प्रशाद चढांए और विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करें ! शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार को सात केले, सात गौ ग्राम गुड़ और एक नारियल लेकर किसी नदी या सरोवर पर जाएं। अब कन्या को वस्त्र सहित नदी के जल में स्नान कराकर उसके ऊपर से जटा वाला नारियल ऊसारकर नदी में प्रवाहित कर दें। इसके बाद थोड़ा गुड़ व एक केला चंद्रदेव के नाम पर व इतनी ही सामग्री सूर्यदेव के नाम पर नदी के किनारे रखकर उन्हें प्रणाम कर लें। थोड़े से गुड़ को प्रसाद के रूप में कन्या स्वयं खाएं और शेष सामग्री को गाय को खिला दें। इस टोटके से कन्या का विवाह शीघ्र ही हो जाएगा। शादी वाले दिन से एक दिन पहले एक ईंट के ऊपर कोयले से “बाधायें” लिखकर ईंट को उल्टा करके किसी सुरक्षित स्थान पर रख दीजिये,और शादी के बाद उस ईंट को उठाकर किसी पानी वाले स्थान पर डाल कर ऊपर से कुछ खाने का सामान डाल दीजिये, विवाह के समय और विवाह के बाद में वर/वधु के दाम्पत्य जीवन में बाधायें नहीं आयेंगी, यह काम वर - वधु या उनके घर का कोई भी सदस्य कर सकता है लेकिन यह काम बिल्कुल चुपचाप करना चाहिए । बृहस्पति, शुक्र, बुद्ध और सोम इन वारों में विवाह करने से कन्या सौभाग्यवती होती है। विवाह में चतुर्दशी, नवमी इन तिथियों को त्याग देना चाहिए। विवाह के पश्चात एक वर्ष तक पिण्डदान,मृक्ति का स्नान, तिलतर्पण, तीर्थयात्रा,मुण्डन,प्रेतानुगमन आदि नहीं करना चाहिये. जिन लड़कों का विवाह नहीं हो रहा हो या प्रेम विवाह में विलंब हो रहा हो, उन्हें शीघ्र मनपसंद विवाह के लिए श्रीकृष्ण के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए । शीघ्र विवाह के लिए भगवान श्री कृष्ण का मन्त्र "क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा।" यदि किसी कन्या का विवाह नहीं हो पा रहा है तो वह कन्या आज विवाह की कामना से भगवान श्रीगणेश को मालपुए का भोग लगाए तो शीघ्र ही उसका विवाह हो जाता है। यदि किसी युवक के विवाह में परेशानियां आ रही हैं तो वह भगवान श्रीगणेश को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं तो उसका विवाह भी जल्दी हो जाता हैं