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Neeraj Yadav - Author on ShareChat
Neeraj Yadav
690 views • 3 months ago
#श्रीरामचरितमानस चोपाई
सदा रोगबस संतत क्रोधी बिष्नु बिमुख श्रुति संत बिरोधी [[ तनु पोषक निन्दक अघ खानी 1 चौदह प्रानी जीवत सव सम I अर्थात (गोस्वामी तुलसीदास जी) कहते हैं कि हर समय बिमारी से ग्रस्त रहने वाला, हमेशा भगवान (बिष्णु) को न क्रोध करने वाला (विष्णु ) का विरोध करने मानने वाला H (faey को अपना शत्रु  मानने clrl य भगवान वाला और संतों (सज्जनों ) को अपना  दुश्मन विरोध करने वाला, अपने FH dल M1 3Ye ही शरीर को पालने चाला या अपने ही पेट को भरने वाला, परायी निन्दा करने चाला अर्थात की बुराई करने वाला ) पाप की खान - Gi पाप करने वाला अर्थात (महान   पापी ) अत्यथिक ऐसे अवगुण जिस प्राणी में होते हैं॰ इस तरह के प्राणी जीते हुए भी मुर्दे के समान माने गए चौदह हैं 1 (श्री रामचरितमानस से) सदा रोगबस संतत क्रोधी बिष्नु बिमुख श्रुति संत बिरोधी [[ तनु पोषक निन्दक अघ खानी 1 चौदह प्रानी जीवत सव सम I अर्थात (गोस्वामी तुलसीदास जी) कहते हैं कि हर समय बिमारी से ग्रस्त रहने वाला, हमेशा भगवान (बिष्णु) को न क्रोध करने वाला (विष्णु ) का विरोध करने मानने वाला H (faey को अपना शत्रु  मानने clrl य भगवान वाला और संतों (सज्जनों ) को अपना  दुश्मन विरोध करने वाला, अपने FH dल M1 3Ye ही शरीर को पालने चाला या अपने ही पेट को भरने वाला, परायी निन्दा करने चाला अर्थात की बुराई करने वाला ) पाप की खान - Gi पाप करने वाला अर्थात (महान   पापी ) अत्यथिक ऐसे अवगुण जिस प्राणी में होते हैं॰ इस तरह के प्राणी जीते हुए भी मुर्दे के समान माने गए चौदह हैं 1 (श्री रामचरितमानस से)
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