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#Savitri #what Savitri Puja
Savitri - वट सावित्री व्रत पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सावित्री अपने पति के प्राणों को से छुड़ाकर ले आई थीं इसलिए महिलाएं अपने पति की लंबी आयु যণযচ के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं। सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे ही अपने मृत पति सत्यवान को जीवित किया था। इसलिए इस व्रत का नाम वट सावित्री पडा। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। कहते हैं कि इस पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों देवताओं का वास होता है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष के नीचे बैठकर सती सावित्री की कथा ' 8 पढ़ती | और वट वृक्ष को रक्षा सूत्र बांधती है। वट सावित्री व्रत पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सावित्री अपने पति के प्राणों को से छुड़ाकर ले आई थीं इसलिए महिलाएं अपने पति की लंबी आयु যণযচ के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं। सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे ही अपने मृत पति सत्यवान को जीवित किया था। इसलिए इस व्रत का नाम वट सावित्री पडा। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। कहते हैं कि इस पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों देवताओं का वास होता है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष के नीचे बैठकर सती सावित्री की कथा ' 8 पढ़ती | और वट वृक्ष को रक्षा सूत्र बांधती है। - ShareChat