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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - 2 फिरमुझे!! "तेरेसिवा , तेरेजैसा, तेरी तरह, तेरी जगह औरकोई भी नहीं चाहिए! !! नहीं चाहिए मुझे कोईतेरी तरह मुझे नाम से पुकारे, नहीं चाहिएमुझे तेरी जगह कोई भीजो मुँझ पर अपना हक़ और जताए। चाहिएतो मुझे तू॰.. सिर्फ तूऔर कोईनहीं चाहिएतो मुझे सिर्फतेरा प्यार, तेसी खूशहुँसी, तेरी हर तेरा एहसास, खुशी , तेरेग़म , तेरे आँसू, तेरे सारेदुख. औरइसके सिवो मुझे तेरेजैसा, तेरी तरह तेरी जगह तेरेबगैर औरकुछ भी नहीं ر 2 फिरमुझे!! "तेरेसिवा , तेरेजैसा, तेरी तरह, तेरी जगह औरकोई भी नहीं चाहिए! !! नहीं चाहिए मुझे कोईतेरी तरह मुझे नाम से पुकारे, नहीं चाहिएमुझे तेरी जगह कोई भीजो मुँझ पर अपना हक़ और जताए। चाहिएतो मुझे तू॰.. सिर्फ तूऔर कोईनहीं चाहिएतो मुझे सिर्फतेरा प्यार, तेसी खूशहुँसी, तेरी हर तेरा एहसास, खुशी , तेरेग़म , तेरे आँसू, तेरे सारेदुख. औरइसके सिवो मुझे तेरेजैसा, तेरी तरह तेरी जगह तेरेबगैर औरकुछ भी नहीं ر - ShareChat