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जय श्री राम #जय श्री राम#जय श्री राम
जय श्री राम - राम &ै कुम्भकरण की ಹತತಣೆಹಾ लंका युद्ध में जिब कुंभकरण रणभूमि में उतरा, तो उसकी गर्जना से वानर सेना कांप उठी। वह पर्वतों को उठाकर फेंक रहा था और हजारों योद्धाओं को घायल कर रहा था। तब भगवान श्री राम ने धनुष उठाया। पहले उन्होंने कुंभकरण के दोनों हाथ दिए फिर उसके विशाल पैर बाणों कट दिए। आखिर में प्रभु राम ने से अलग कर ళకె శ Ra அ चलाकर उसका सिर अलग कर दिया। कहते हैं समुद्र में जा गिरा और कुंभकरण का सिर धरती हिल उठी। इस प्रकार भगवान राम ने अधर्म का अंत कर धर्म की विजय स्थापित की। राम &ै कुम्भकरण की ಹತತಣೆಹಾ लंका युद्ध में जिब कुंभकरण रणभूमि में उतरा, तो उसकी गर्जना से वानर सेना कांप उठी। वह पर्वतों को उठाकर फेंक रहा था और हजारों योद्धाओं को घायल कर रहा था। तब भगवान श्री राम ने धनुष उठाया। पहले उन्होंने कुंभकरण के दोनों हाथ दिए फिर उसके विशाल पैर बाणों कट दिए। आखिर में प्रभु राम ने से अलग कर ళకె శ Ra அ चलाकर उसका सिर अलग कर दिया। कहते हैं समुद्र में जा गिरा और कुंभकरण का सिर धरती हिल उठी। इस प्रकार भगवान राम ने अधर्म का अंत कर धर्म की विजय स्थापित की। - ShareChat