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#dard bhari shayari
dard bhari shayari - तुम ने अंतिम समय में बिलकुल 1/ वैसा ही व्यवहार किया, जिसके लिए मैंने सबसे कहा था कि वो ऐसा मेरे साथ कर ही नहीं सकता और इस बात पर तो मुझे गुमान था, पर तुम क्या हीं जानो अपने व्यक्ति पर गुमान करना और फिर उसका टूटना क्या होता है क्योंकि तुमने तो कदर की ही नहीं उस व्यक्ति की जिसने तुम्हारे अलावा किसी और को जाना ही नहीं इतने साल, जब जब ये अंतिम समय का तुम्हारा व्यवहार मुझे याद आता है ಚ೯ಹೆ पसंद पर शर्म आती है।। तुम ने अंतिम समय में बिलकुल 1/ वैसा ही व्यवहार किया, जिसके लिए मैंने सबसे कहा था कि वो ऐसा मेरे साथ कर ही नहीं सकता और इस बात पर तो मुझे गुमान था, पर तुम क्या हीं जानो अपने व्यक्ति पर गुमान करना और फिर उसका टूटना क्या होता है क्योंकि तुमने तो कदर की ही नहीं उस व्यक्ति की जिसने तुम्हारे अलावा किसी और को जाना ही नहीं इतने साल, जब जब ये अंतिम समय का तुम्हारा व्यवहार मुझे याद आता है ಚ೯ಹೆ पसंद पर शर्म आती है।। - ShareChat