Shashi Kurre
महान समाज सुधारक और लेखक #अन्नाभाऊ साठेको उनकी जयंती पर याद करते हुए।
अन्ना भाऊ स्कूल नहीं जा सके, लेकिन उन्होंने मराठी में 35 नॉवेल लिखे। इनमें से "फकीरा" उनका मास्टरपीस है जो 1959 में पब्लिश हुआ था। नॉवेल के अलावा उन्होंने छोटी कहानियाँ, एक नाटक, रूस पर एक ट्रैवलॉग, बारह स्क्रीनप्ले और बैलेड लिखे। उन्होंने सीधे अपने जीवन के अनुभव से लिखा, और उनके नॉवेल उनके किरदारों में लड़ने की भावना का जश्न मनाते हैं जो जीवन में सभी मुश्किलों के खिलाफ काम करते हैं।
#अन्नाभाऊ साठे