ShareChat
click to see wallet page
search
#pati patani #pati patni #😌sadness #💔हार्ट्ब्रेक इमोशन्स
pati patani - "मेरी पत्नी ने ११ साल तक एक ही इच्छा रखी॰.. ओर में ११ साल तक हो चुके थे। शादी को ११ साल टालता रहा" मेरी पत्नी कभी कुछ नहीं मांगती थी।न गहने।न महंगे कपड़़े।न घूमना। " लेकिन उसकी एक छोटी सी इच्छा थी। वो हमेशा கி "एक दिन हम दोनों कहीं दूर चलेंगे...बिना बच्चों के...बिना किसी काम के॰ ओर में हर बार कहता = "अगले साल चलते हें।"फिर अगला साल आ जाता। ओर में फिर कहता ~ " अभी काम बहुत हे। ११ साल तक यही चलता रहा। डायरी मिली। एक दिन अलमारी साफ करते समय मुझे एक पुरानी उसमें कोई बड़े सपने नहीं थे। बस छोटी छोटी बातें लिखी थीं। एक पन्ने पर लिखा था "সাত ব্িং বমন কূমা সাল মাল বলযী" दूसरे पन्ने पर "कोई बात नहीं, शायद अगले साल सच में समय मिल जाए।" फिर एक पन्ना आया.. जो 8 साल पुराना था।उसमें लिखा था "मुझे घूमने नहीं जाना.. "मुझे बस उसके साथ दो दिन चाहिए।"  में वहीं बेठकर रो पड़ा। क्योंकि पहली बार समझ आया॰.वो पहाड़़ देखने नहीं जाना  थी। चाहती वो समुद्र देखने नहीं जाना  थी। বামনী वो सिर्फ मुझे देखना থf|/89 चाहती उस रात मेंने टिकट बुक कर दी। सुबह उसे टिकट दिखाए। বী ক্রুত सेकंड तक टिकट देखती रही।  फिर मुस्कुराकर बोली ~" अब मन नहीं करता। " में घबरा गया। "aml?" उसने बहुत शांत आवाज़ में कहा= " इच्छाएँ भी इंसानों जेसी होती हें॰ " बहुत देर तक इंतज़ार करवाओ. तो मर जाती हें।" उस दिन पहली बार मुझे समझ आया॰.. बाद में खुश कर देंगे।  हम अक्सर सोचते हें कि हम अपने लोगों को लेकिन कई बार ' बाद में आने तक॰ वो खुशी ही खत्म हो चुकी होती हे।  "रिश्ते बड़े झगड़ों से नहीं टूटते : कई बार वे उन छोटी छोटी खुशियों से टूटते हें जिन्हें हम हमेशा कल पर टालते रहते हे। " @anvi245 "मेरी पत्नी ने ११ साल तक एक ही इच्छा रखी॰.. ओर में ११ साल तक हो चुके थे। शादी को ११ साल टालता रहा" मेरी पत्नी कभी कुछ नहीं मांगती थी।न गहने।न महंगे कपड़़े।न घूमना। " लेकिन उसकी एक छोटी सी इच्छा थी। वो हमेशा கி "एक दिन हम दोनों कहीं दूर चलेंगे...बिना बच्चों के...बिना किसी काम के॰ ओर में हर बार कहता = "अगले साल चलते हें।"फिर अगला साल आ जाता। ओर में फिर कहता ~ " अभी काम बहुत हे। ११ साल तक यही चलता रहा। डायरी मिली। एक दिन अलमारी साफ करते समय मुझे एक पुरानी उसमें कोई बड़े सपने नहीं थे। बस छोटी छोटी बातें लिखी थीं। एक पन्ने पर लिखा था "সাত ব্িং বমন কূমা সাল মাল বলযী" दूसरे पन्ने पर "कोई बात नहीं, शायद अगले साल सच में समय मिल जाए।" फिर एक पन्ना आया.. जो 8 साल पुराना था।उसमें लिखा था "मुझे घूमने नहीं जाना.. "मुझे बस उसके साथ दो दिन चाहिए।"  में वहीं बेठकर रो पड़ा। क्योंकि पहली बार समझ आया॰.वो पहाड़़ देखने नहीं जाना  थी। चाहती वो समुद्र देखने नहीं जाना  थी। বামনী वो सिर्फ मुझे देखना থf|/89 चाहती उस रात मेंने टिकट बुक कर दी। सुबह उसे टिकट दिखाए। বী ক্রুত सेकंड तक टिकट देखती रही।  फिर मुस्कुराकर बोली ~" अब मन नहीं करता। " में घबरा गया। "aml?" उसने बहुत शांत आवाज़ में कहा= " इच्छाएँ भी इंसानों जेसी होती हें॰ " बहुत देर तक इंतज़ार करवाओ. तो मर जाती हें।" उस दिन पहली बार मुझे समझ आया॰.. बाद में खुश कर देंगे।  हम अक्सर सोचते हें कि हम अपने लोगों को लेकिन कई बार ' बाद में आने तक॰ वो खुशी ही खत्म हो चुकी होती हे।  "रिश्ते बड़े झगड़ों से नहीं टूटते : कई बार वे उन छोटी छोटी खुशियों से टूटते हें जिन्हें हम हमेशा कल पर टालते रहते हे। " @anvi245 - ShareChat