*ईश्वर सर्वशक्तिमान कहानी*
*ईश्वर की सर्वशक्तिमानता (Omnipotence) का अर्थ है कि ईश्वर के पास असीमित शक्ति है और वह कुछ भी करने में सक्षम है, जिसके लिए कोई सीमा नहीं है। वे ब्रह्मांड के सृष्टिकर्ता और सर्वेसर्वा हैं, जो अपनी इच्छा से कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं। बाइबल और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, ईश्वर की शक्ति ही सच्चा न्यायपूर्ण मानक और कृपा का स्रोत है।*
*एक बार एक अहंकारी राजा ने एक संत से पूछा, "तुम्हारा ईश्वर सर्वशक्तिमान है, तो क्या वह एक ऐसा पत्थर बना सकता है जो इतना भारी हो कि स्वयं ईश्वर भी उसे न उठा सकें?"*
*संत ने मुस्कुराकर उत्तर दिया,*
*"हाँ, ईश्वर ऐसा पत्थर बना सकता है और उसने बनाया भी है।"*
*राजा ने आश्चर्य से पूछा, "वह कहाँ है?"*
*संत ने कहा, "वह पत्थर मनुष्य का 'अहंकारी हृदय' है। ईश्वर सर्वशक्तिमान होकर भी, जब तक मनुष्य स्वयं न चाहे, उसके अहंकार को नहीं तोड़ते। लेकिन जब मनुष्य अपना अहंकार छोड़कर ईश्वर की शरण में आता है, तो ईश्वर उसी भारी पत्थर को उठा लेते हैं और उसे प्रेम व करुणा से भर देते हैं।"*
*कहानी का सार (ईश्वर की शक्ति के प्रतीक):-*
*शून्य से सृजन: ईश्वर ने इस विशाल ब्रह्मांड को शून्य से बनाया और प्रकाश का संचार किया।*
*नियंत्रण: कोई भी स्थिति ईश्वर के नियंत्रण से बाहर नहीं है, वे ही जीवन की घटनाओं को संचालित करते हैं।*
*अहंकार को तोड़ना: सच्चा सर्वशक्तिमान वह है जो मनुष्य के जिद्दी और अहंकारी स्वभाव को बदलकर उसे सन्मार्ग पर लाता है।*
*निष्कर्ष:-*
*ईश्वर की शक्ति केवल विनाश या भारी-भरकम कार्य करने में नहीं है, बल्कि उसके पास हृदय को बदलने, पाप से मुक्त करने और प्रेम व कृपा बरसाने की सर्वोच्च शक्ति है।*
*-रामकृपा-* #किस्से-कहानी

