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💧🌍 पानी सिर्फ एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और पृथ्वी के संतुलन की नींव है। आज की बचत ही आने वाले कल की सुरक्षा है। जल बचाएं, भविष्य बचाएं। 🙏✨. #जलसंरक्षण #पानी #पर्यावरण #धोरा रि धरती #भविष्य
पानी - भारत और अमेरिका ने [ARTERS इतना पानी निकाला AWWIARENESS TUUAY BETTER TOMORROW | ক্ি धरती ज्यादा झुक गई वैज्ञानिक अध्ययन से पता चला है कि भारत और अमेरिका द्वारा भूजल के अत्यधिक दोहन ने धरती के झुकाव (Tilt) को और बढ़ा दिया है। भारत और अमेरिका नतीजा क्या हुआ? ने १९९३ से २०१० के बीच धरती का झुकाव (Tilt) दोहन भूजल का अत्यधिक करीब ०.३६ आर्क सेकंड किया। बढ गया। कितना पानी निकाला? धरती का झुकाव कितना बढ़ा? क्यों महत्वपूर्ण है? धरती का झुकाव बढ़ने से समुद्व स्तर, करीब २१५० गींगाटन पानी धरती का झुकाव (Tilt) ०.३६ आर्क सेकंड (१ गीगाटन = १ अरब टन) जलवायु और मौसम के पैटर्न पर 1993 ম 2010 ক নীত असर पड़ सकता है। बढ गया। कैसे किया गया यह अध्ययन? मुख्य कारण यूनिवर्सिटी इस अध्ययन को सियोल नेशनल भारत और अमेरिका में तेजी से बढ़ती आबादी (दक्षिण कोरिया) के बैज्ञानिकों ने नेचर जियोसाइंस औद्योगिक उपयोग के लिए अत्यधिक भूजल दोहन कृषि और जर्नल में प्रकाशित किया है। समय तक लगातार भूजल का निकाला जाना वैज्ञानिक क्या कहते हैं? इस अध्ययन को सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी (दक्षिण कोरिया) के बैज्ञानिकों ने ননং जियोसाइंस जर्नल में प्रकाशित किया है। कुंजी है। पानी सिर्फ संसाधन नहीं , बल्कि धरती के संतुलन की इसे बचाएं, भविष्य बचाएं भारत और अमेरिका ने [ARTERS इतना पानी निकाला AWWIARENESS TUUAY BETTER TOMORROW | ক্ি धरती ज्यादा झुक गई वैज्ञानिक अध्ययन से पता चला है कि भारत और अमेरिका द्वारा भूजल के अत्यधिक दोहन ने धरती के झुकाव (Tilt) को और बढ़ा दिया है। भारत और अमेरिका नतीजा क्या हुआ? ने १९९३ से २०१० के बीच धरती का झुकाव (Tilt) दोहन भूजल का अत्यधिक करीब ०.३६ आर्क सेकंड किया। बढ गया। कितना पानी निकाला? धरती का झुकाव कितना बढ़ा? क्यों महत्वपूर्ण है? धरती का झुकाव बढ़ने से समुद्व स्तर, करीब २१५० गींगाटन पानी धरती का झुकाव (Tilt) ०.३६ आर्क सेकंड (१ गीगाटन = १ अरब टन) जलवायु और मौसम के पैटर्न पर 1993 ম 2010 ক নীত असर पड़ सकता है। बढ गया। कैसे किया गया यह अध्ययन? मुख्य कारण यूनिवर्सिटी इस अध्ययन को सियोल नेशनल भारत और अमेरिका में तेजी से बढ़ती आबादी (दक्षिण कोरिया) के बैज्ञानिकों ने नेचर जियोसाइंस औद्योगिक उपयोग के लिए अत्यधिक भूजल दोहन कृषि और जर्नल में प्रकाशित किया है। समय तक लगातार भूजल का निकाला जाना वैज्ञानिक क्या कहते हैं? इस अध्ययन को सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी (दक्षिण कोरिया) के बैज्ञानिकों ने ননং जियोसाइंस जर्नल में प्रकाशित किया है। कुंजी है। पानी सिर्फ संसाधन नहीं , बल्कि धरती के संतुलन की इसे बचाएं, भविष्य बचाएं - ShareChat