ShareChat
click to see wallet page
search
मोहिनी एकादशी वैशाख मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते हैं। ऐसा विश्वास किया जाता है कि यह तिथी सब पापों को हरनेवाली और उत्तम है। इस दिन जो व्रत रहता है उसके व्रत के प्रभाव से मनुष्य मोहजाल तथा पातक समूह से छुटकारा पा जाते हैं। वैशाख मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता हैं। यह तिथी सब पापों को हरनेवाली है। इस दिन जो व्रत रखते है वह मनुष्य मोहजाल तथा पातकों से छुटकारा पा जाते हैं।मोहिनी' को उपवास करने पर प्राणियों के अनेक जन्मों के किए हुए मेरु पर्वत जैसे महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।' मुनि का यह वचन सुनकर धृष्ट्बुद्धि का चित्त प्रसन्न हो गया। उसने कौँन्डिन्य के उपदेश से विधिपूर्वक 'मोहिनी एकादशी' का व्रत किया। इस व्रत के करने से वह निष्पाप हो गया और दिव्य देह धारण कर गरुड़ पर आरूढ़ हो सब प्रकार के उपद्रवों से रहित श्रीविष्णुधाम को चला गया। इस प्रकार यह 'मोहिनी' का व्रत बहुत उत्तम है। इसके पढने और सुनने से सहस्त्र गोदान का फल मिलता है। मान्यता है कि जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन हुआ. मंथन के दौरान अमृत से भरा कलश निकला. इस कलश को लेकर देवताओं और असुरों के बीच झगड़ा होने लगा कि कौन पहले अमृत पिएगा. दोनों के बीच युद्ध की स्थिति बन गई. तभी भगवान विष्णु मोहिनी नामक सुंदर स्त्री का रूप लेकर प्रकट हुए और दैत्यों से अमृत कलश लेकर सारा अमृत देवताओं को पिला दिया। इससे देवता अमर हो गए. मान्यता है कि जिस दिन भगवान नारायण ने ये रूप धारण किया था, उस दिन वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का दिन था. इसके बाद से इस एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाने लगा और इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की पूजा की जाने लगी। #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - ३ँ९ नमो भगवते वासुदेवाय नमः Lalbhakti २७ अप्रैल २०२७ सोमवार मोहिनी एकादशी 3uuaim] की हार्दिक शुभकामनाएं Wantki MotivatlonalideosApookti Totalbhakti @ Totalbhakti ३ँ९ नमो भगवते वासुदेवाय नमः Lalbhakti २७ अप्रैल २०२७ सोमवार मोहिनी एकादशी 3uuaim] की हार्दिक शुभकामनाएं Wantki MotivatlonalideosApookti Totalbhakti @ Totalbhakti - ShareChat