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#" रूबरू करवाता हूं आपको कुछ मेरी कलम से, कुछ मेरे हुनर से " #💞Heart touching शायरी✍️ #🥰Express Emotion
" रूबरू करवाता हूं आपको कुछ मेरी कलम से, कुछ मेरे हुनर से " - उजालों में चिराग़ों को जलाना फ़जुल है, नफरती लोगों से दिल लगाना फ़ज़ूल है।  में मजूद  कदम कदम पे शैतान इंसानी शक्ल  ೯; इनसे हमेशा महफूज़ रहना, ये ज़ख्म गहरा देता है। में चाशनी घोलने वाले, जुबानों  ज़हर इनके हर एक चाल में है। अचानक से फितरत बदल जाना, समझ लेना नीयत में जरूर कोई झोल है। সপালনা ওননা সুহিকল নচী; खुदको को समझ लेना ही कमाल है। दूसरों  सब्र और हौसलों से हमेशा काम लेना, ये नायाब हीरा है, आप हमेशा जौहरी बनके ही जीना।  धोखा देना शैतानी फेल हे, हमेशा साथ देना।  आप इंसान हो, सच का उम्मीदों से ज्यादा भरोसा करना, रुसवा और जलील होने की अलामत है। खुदको  खुदा बताने वाले खुदको आज मिट्टी में तन्हा दफ़न है। डा. इकबाल रैशन उजालों में चिराग़ों को जलाना फ़जुल है, नफरती लोगों से दिल लगाना फ़ज़ूल है।  में मजूद  कदम कदम पे शैतान इंसानी शक्ल  ೯; इनसे हमेशा महफूज़ रहना, ये ज़ख्म गहरा देता है। में चाशनी घोलने वाले, जुबानों  ज़हर इनके हर एक चाल में है। अचानक से फितरत बदल जाना, समझ लेना नीयत में जरूर कोई झोल है। সপালনা ওননা সুহিকল নচী; खुदको को समझ लेना ही कमाल है। दूसरों  सब्र और हौसलों से हमेशा काम लेना, ये नायाब हीरा है, आप हमेशा जौहरी बनके ही जीना।  धोखा देना शैतानी फेल हे, हमेशा साथ देना।  आप इंसान हो, सच का उम्मीदों से ज्यादा भरोसा करना, रुसवा और जलील होने की अलामत है। खुदको  खुदा बताने वाले खुदको आज मिट्टी में तन्हा दफ़न है। डा. इकबाल रैशन - ShareChat