NEWS BHARAT LIVE
#😱7000 से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव 😲
एक दो नहीं 7 हजार....
इस खबर को पढ़ने के बाद एक पल के लिए दिमाग तो शून्य हो गया.....
18 से 25 साल की उम्र यह समय पढ़ने, करियर बनाने, सपने देखने और ज़िंदगी में आगे बढ़ने का होता है। लेकिन आख़िर युवाओं में धैर्य क्यों खत्म होता जा रहा है?
हर चीज़ तुरंत पा लेने की होड़ और बिना सोचे-समझे उठाए गए एक कदम का खामियाजा अब पूरे परिवार को भुगतना पड़ रहा है।
कर्नाटक से आई यह रिपोर्ट दिल दहला देने वाली है। वहां 18 से 25 साल के 7,000 से ज़्यादा छात्रों का HIV टेस्ट पॉजिटिव आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में लगभग 2.6 लाख लोग HIV संक्रमण के साथ जी रहे हैं, जबकि 54,000 से अधिक लोग ऐसे हैं जिन्हें खुद के पॉजिटिव होने का अंदाज़ा तक नहीं है।
जरा सोचिए, उन मां-बाप पर क्या बीत रही होगी जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई लगाकर बच्चों को पढ़ने बाहर भेजा था?
अभिभावक होने के नाते अब समय आ गया है कि हम झिझक छोड़ें। जब हमारे बच्चे पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में घर से दूर जाएं, तो उनसे इन संवेदनशील और गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात करें।
अक्सर बच्चे लापरवाही या सही जानकारी न होने की वजह से गलत कदम उठा लेते हैं। कल यही छात्र पढ़ाई पूरी कर शादी के बंधन में बंधेंगे, अगर उन्हें अपने संक्रमण का पता नहीं होगा, तो अनजाने में एक और मासूम ज़िंदगी इस आग में झुलस जाएगी।
सही समय पर दी गई सही सलाह किसी की पूरी ज़िंदगी बचा सकती है। बच्चों से छुपाइए मत, उन्हें समझाइए।