ShareChat
click to see wallet page
search
#सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम)
सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम) - धम एक िषय ह H Iqqq की किताबें अनेक हैं ! इसलिए कन्फ्यूजन भी बहुत हैं ! यदि सबकी व्यक्तिगत परिस्थितियां लिए  अलग हैं तो सबके धर्म की परिभाषा एक कैसे हो सकती है ? यदि आप जानना चाहते हैं कि आपका क्या धर्म है ? तो एकांत मे बैठकर आत्मचिंतन कीजिए ! उत्तर आपके समक्ष स्वयं प्रकट हो जाएगा ! आपको आश्चर्य तब होगा जब आप पुनः पुस्तक मे अपने धर्म क्योंकि उसमे वही की खोज करेंगे मिलेगा जिसे आपने आत्म चिंतन से स्वयं प्रकट किया था धम एक िषय ह H Iqqq की किताबें अनेक हैं ! इसलिए कन्फ्यूजन भी बहुत हैं ! यदि सबकी व्यक्तिगत परिस्थितियां लिए  अलग हैं तो सबके धर्म की परिभाषा एक कैसे हो सकती है ? यदि आप जानना चाहते हैं कि आपका क्या धर्म है ? तो एकांत मे बैठकर आत्मचिंतन कीजिए ! उत्तर आपके समक्ष स्वयं प्रकट हो जाएगा ! आपको आश्चर्य तब होगा जब आप पुनः पुस्तक मे अपने धर्म क्योंकि उसमे वही की खोज करेंगे मिलेगा जिसे आपने आत्म चिंतन से स्वयं प्रकट किया था - ShareChat