अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस
संयुक्त राष्ट्र जनरल एसेंबली ने 9 दिसंबर, 1989 के 44/82 के प्रस्ताव में हर साल परिवार दिवस मनाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद साल 1993 में महासभा ने एक संकल्प (ए / आरईएस / 47/237) में हर साल 15 मई को मनाने का फैसला किया गया। संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य दुनिया भर में परिवारों के बेहतर जीवन स्तर और सामाजिक प्रगति के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना है। यह दिन आर्थिक और सामाजिक संरचनाओं को संशोधित करने पर केंद्रित है जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों में पारिवारिक इकाइयों की स्थिरता और संरचना को प्रभावित करते हैं। इंसान कितनी भी तरक्की कर ले, जितनी भी सफलता हासिल कर ले, लेकिन परिवार के बिना वह अधूरा है। पहले लोग सामूहिक परिवार में ही है। फिर धीरे-धीरे काम की तलाश में, तो कोई नौकरी के लिए अपनों से दूर होते गए। लेकिन परिवार के बिना इंसान आज बिल्कुल अधूरा है। फिलहाल पूरी दुनिया जिस दौर से गुजर रही है ऐसे में परिवार की अहमियत और भी बढ़ जाती है। अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के मौके पर आज आपको परिवार का महत्व, नए संकल्प और इसके प्रति जागरुकता के बारे में बताने जा रहे है। हर व्यक्तित के जीवन में उसके परिवार का काफी महत्व होता है। वो एक परिवार ही तो है जो हमेशा हमारे दुख-सुख में हमारे साथ खड़ा रहता है। #शुभ कामनाएँ 🙏


