ITIHAAS KE PANNON SE
🇮🇳 8 अगस्त 1942 — वह दिन जब भारत ने अंग्रेजों से साफ कह दिया था…
आज से 84 वर्ष पहले, 8 अगस्त 1942 को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन ने निर्णायक मोड़ लिया।
बंबई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ। महात्मा गांधी ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ अंतिम बड़े जनआंदोलन का आह्वान किया।
अगले ही दिन, 9 अगस्त 1942 को गांधीजी सहित कई बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन आंदोलन रुका नहीं—बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आम जनता ने इसे आगे बढ़ाया।
🔥 इसी आंदोलन से जुड़ा गांधीजी का प्रसिद्ध आह्वान था—
“करो या मरो!”
यह सिर्फ एक नारा नहीं था…
यह उस दौर के करोड़ों भारतीयों के संकल्प की आवाज थी।
🇮🇳 भारत छोड़ो आंदोलन ने स्वतंत्रता की अंतिम लड़ाई को नई गति दी।
🙏 उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
💬 अगर आप 1942 में होते, तो क्या भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लेते?
अपना जवाब कमेंट में जरूर लिखिए।
— इतिहास के पन्नों से
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