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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 15.5.2026 Friday हास्य व्यंग रकागज का होता है अतः उड़ता है सोना गद्दे रजाई तकिये में होता है अतः उस पर धनमंत्री सोती है इसे उठाकर/ गिराकर चौकीदार ले जाता है! Status (Contacts) + # Aa 15.5.2026 Friday हास्य व्यंग रकागज का होता है अतः उड़ता है सोना गद्दे रजाई तकिये में होता है अतः उस पर धनमंत्री सोती है इसे उठाकर/ गिराकर चौकीदार ले जाता है! Status (Contacts) + # - ShareChat