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vikalp sharma - Author on ShareChat
vikalp sharma
391 views • 17 days ago
#satya vachan
उन लोगों से दूरियां ही சிக8, जिन्होंने नजदीकयों की कभी कद्र नहीं की। उन लोगों से दूरियां ही சிக8, जिन्होंने नजदीकयों की कभी कद्र नहीं की।
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  • Bhartiya - Author on ShareChat
    Bhartiya
    #satya_vachan
    satya_vachan
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  • vikalp sharma - Author on ShareChat
    vikalp sharma
    #satya vachan
    "अपने दिमाग को अपनी भावनाओं से अधिक मजबूत होने के लिए प्रशिक्षित करें अन्यथा आप हर बार खुद को परेशान पाएंगे। क्योंकि जो अपने मन पर विजय पा लेता है, उसे परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि उसका विवेक दिशा देता है। @teamlittlebuddka| 99)5 "अपने दिमाग को अपनी भावनाओं से अधिक मजबूत होने के लिए प्रशिक्षित करें अन्यथा आप हर बार खुद को परेशान पाएंगे। क्योंकि जो अपने मन पर विजय पा लेता है, उसे परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि उसका विवेक दिशा देता है। @teamlittlebuddka| 99)5
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  • दीपक शर्मा - Author on ShareChat
    दीपक शर्मा
    #satya vachan #सच्ची बात #अनमोल वचन
    सत्य वचन ) हैं कहते कि पैसा रखों बुरे वक़्त काम आएगा में कहॅता हूँ ईशवर पर यकीन रखों बुरा वक़्त ही नहीं आएगा! 3IuIq qఇT सत्य वचन ) हैं कहते कि पैसा रखों बुरे वक़्त काम आएगा में कहॅता हूँ ईशवर पर यकीन रखों बुरा वक़्त ही नहीं आएगा! 3IuIq qఇT
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  • vikalp sharma - Author on ShareChat
    vikalp sharma
    #satya vachan
    जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं , और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं इस पोस्ट को तब तक बार बार पढ़ना जब तक कही गई बात हृदय में न उतर जाए, कभी सोचा है कि जो भगवान सर्वसमर्थ है, वो फिर शबरी के घर चल कर क्यों जाता है, विदुर के घर साग क्यों खाता है, महाभारत में राजा बनकर लड़ने की जगह सारथी बनकर मार्गदर्शन क्यों करता है, सुदामा के द्वारिका पहुंचने पर नंगे पैर दौड़ पड़ता है, जो भगवान सर्व शक्ति मान है, वो अपने सच्चे भक्त के बस में हो जाता है, इसका मतलब इतना तो समझ आ ही गया होगा, की भगवान सरल लोगों को ही प्राप्त होता है, अगर आप में अहंकार है वो किसी भी तरह का हो, भगवान आपको प्राप्त नहीं होगा, हां इतना जरूर है जब आपका हृदय अहंकार रहित होकर निर्मल हो जायेगा, तो उसमें ईश्वर प्रकट रूप में जाएंगे , और जिसके साथ ईश्वर साक्षात् रूप में हैं उसको आ फिर किसी चीज की कमी नहीं, जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं, और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं , और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं इस पोस्ट को तब तक बार बार पढ़ना जब तक कही गई बात हृदय में न उतर जाए, कभी सोचा है कि जो भगवान सर्वसमर्थ है, वो फिर शबरी के घर चल कर क्यों जाता है, विदुर के घर साग क्यों खाता है, महाभारत में राजा बनकर लड़ने की जगह सारथी बनकर मार्गदर्शन क्यों करता है, सुदामा के द्वारिका पहुंचने पर नंगे पैर दौड़ पड़ता है, जो भगवान सर्व शक्ति मान है, वो अपने सच्चे भक्त के बस में हो जाता है, इसका मतलब इतना तो समझ आ ही गया होगा, की भगवान सरल लोगों को ही प्राप्त होता है, अगर आप में अहंकार है वो किसी भी तरह का हो, भगवान आपको प्राप्त नहीं होगा, हां इतना जरूर है जब आपका हृदय अहंकार रहित होकर निर्मल हो जायेगा, तो उसमें ईश्वर प्रकट रूप में जाएंगे , और जिसके साथ ईश्वर साक्षात् रूप में हैं उसको आ फिर किसी चीज की कमी नहीं, जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं, और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं
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  • vikalp sharma - Author on ShareChat
    vikalp sharma
    #satya vachan
    अपमान का इकलौता जवाब दूरी है; न बहस करें, न कोई तमाशा| बस वहां से अपनी मौजूदगी हटा लें और खामोशी से आगे बढें। हर युद्ध लड़ना जरूरी नही होता, कुछ जीतें मौन से भी मिलती है। अपमान The Daily & Dose द डेली डोस FBpage अपमान का इकलौता जवाब दूरी है; न बहस करें, न कोई तमाशा| बस वहां से अपनी मौजूदगी हटा लें और खामोशी से आगे बढें। हर युद्ध लड़ना जरूरी नही होता, कुछ जीतें मौन से भी मिलती है। अपमान The Daily & Dose द डेली डोस FBpage
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  • Ak - Author on ShareChat
    Ak786 💔
    #satya vachan #satya vachan
    satya vachan, satya vachan
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  • Sagar Singh - Author on ShareChat
    Sagar Singh
    #🙏सुविचार📿 #Suvichar #MOTIVATIONAL #satya vachan #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
    माया में जैसे तीन गुण सत र्ज तू्म है इनको समझॅना मुश्किल है वैसे ही स्वार्थ पुरुषार्थ पर्मार्थ भी समझना मृश्किल है॰ क्योंकि यह तीनों सभीॅ में मिक्स हैं। 1 6d जो अपने शरीर॰मन के सुख हेतु रुप,रस,गंध, स्पर्श सौंदर्यस्वाद ं 4 sfagt सम्मान पैसा  अनुकूलता, में आसक्त है और अहंकॉर का दाूस है और इसके fg अपनी भीतरी श्रेष्ठता की कभी भी हत्या कर सकता है چ स्वार्थी।जो शरीर मन के सुख लालच् से मुक्तू हाो तथा अपनी श्रद्धा श्रेष्ठता की सुरक्षा में किसी भी स्वार्थ का बलिँदान कर दे वो ஈa परमार्थी और त्याग बलिदान चरित्र कर्म की श्रेष्ठता में दमदारी মিসহালথfত लगा रहेवे सागर माया में जैसे तीन गुण सत र्ज तू्म है इनको समझॅना मुश्किल है वैसे ही स्वार्थ पुरुषार्थ पर्मार्थ भी समझना मृश्किल है॰ क्योंकि यह तीनों सभीॅ में मिक्स हैं। 1 6d जो अपने शरीर॰मन के सुख हेतु रुप,रस,गंध, स्पर्श सौंदर्यस्वाद ं 4 sfagt सम्मान पैसा  अनुकूलता, में आसक्त है और अहंकॉर का दाूस है और इसके fg अपनी भीतरी श्रेष्ठता की कभी भी हत्या कर सकता है چ स्वार्थी।जो शरीर मन के सुख लालच् से मुक्तू हाो तथा अपनी श्रद्धा श्रेष्ठता की सुरक्षा में किसी भी स्वार्थ का बलिँदान कर दे वो ஈa परमार्थी और त्याग बलिदान चरित्र कर्म की श्रेष्ठता में दमदारी মিসহালথfত लगा रहेवे सागर
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  • asha Devi - Author on ShareChat
    asha Devi
    #satya vachan #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
    satya vachan, Love You ज़िंदगी
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  • दीपक शर्मा - Author on ShareChat
    दीपक शर्मा
    #satya vachan #अनमोल वचन #सच्ची बात
    रात को फूलों को भी मालूम नहीं होता कि सुबह होने मंदिर पर जाना है या कबर पर जाना है इसलिए जिंदगी जितनी जी सको मस्ती से তিমী @सच्ची बातें रात को फूलों को भी मालूम नहीं होता कि सुबह होने मंदिर पर जाना है या कबर पर जाना है इसलिए जिंदगी जितनी जी सको मस्ती से তিমী @सच्ची बातें
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  • asha Devi - Author on ShareChat
    asha Devi
    #Suvichar #satya vachan
    Suvichar, satya vachan
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