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K R Sharma(VIP) - Author on ShareChat
K🌹 R🌹 Sharma(VIP)
466 views • 3 days ago
#वक्त
तू कितना भी परेशान कर ले हमें यक्त लेकिन याद रख किसी मोड़ पर तुझे भी बदल देंगे हम तू कितना भी परेशान कर ले हमें यक्त लेकिन याद रख किसी मोड़ पर तुझे भी बदल देंगे हम
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  • Rajesh j - Author on ShareChat
    Rajesh j
    यह संदेश हमें भरोसा दिलाता है कि मेहनत करते रहने से "हमारा भी समय आएगा" और हमें भी अपनी मेहनत का फल सही वक्त पर ज़रूर मिलेगा। #मेहनत #मेहनत #समय #सहीं समय सही सोच #मेहनत का फल
    Shekhar Saroj दोनों फल एक ही डाल पर लगे हैं- एक पक चुका है, जबकि दूसरा अभी अपने वक्त का इंतज़ार कर रहा है। कुदरत हमें याद दिलाती है कि किसी और की सफलता का हमारी हार नहीं है॰ हमारा भी समय आएगा| मतलब Shekhar Saroj दोनों फल एक ही डाल पर लगे हैं- एक पक चुका है, जबकि दूसरा अभी अपने वक्त का इंतज़ार कर रहा है। कुदरत हमें याद दिलाती है कि किसी और की सफलता का हमारी हार नहीं है॰ हमारा भी समय आएगा| मतलब
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  • It's DkGupta - Author on ShareChat
    It's Dk🫥Gupta
    #अहंकार #👹अहंकार मत करिए 👹 #वक्त वक्त की बात है #वक्त वक्त की बात #वक्त
    अहंकार, अहंकार मत करिए
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  • A Satish - Author on ShareChat
    A Satish
    #समय
    समय
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  • Soulmate (A emotional girl) - Author on ShareChat
    Soulmate (A emotional girl)
    #बेहतरीन उर्दू शायरी✍️ #urdu poetry #urdu Alfaz #dard e dil #waqt
    बेहतरीन उर्दू शायरी, urdu poetry
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  • Raginee creation #Raag - Author on ShareChat
    Raginee creation #Raag
    #wakt #wakt sabka badlta hai
    भाई कमाने निकल गया ससुराल चली गई। बहन ही॰घर के दो चिराग एक दुनिया में खो गए। अलग अलग जो आँगन कभी हँसी से गूँजता  था आज  वहाँ सन्नाटा सोता है। पर टिकती हैं , माँकी आँखें   दरवाज़े पिता   चुपचाप कुछ ढोता है। মৈল में बंटती थी रोटी टुकड़ों चार एक थाली   पूरी रह जाती है। आज घर में शोर कम नहीं होता था, [ अब घड़ी की टिक-टिक आती है। सुनाई वक्त ने क्या खेल रचाया हे अपने होकर भी॰ दूर हो गए। সন एक ही छत के नीचे पलने वाले, आज अलग-अलग जगहों में मजबूर हो गए। और सच कहूँतो॰ घर आज भी वही है, নাল कहीं खोगए। E बस त्योहारों में वो रौनक नहीं दिखती 39  दीवारें भी॰ जैसे चुप-चुप सी रहती हैं। कभी जो छोटी-सी बात पर महफ़िल सज जाती थी॰ बनकर आँखें भिगो जाती हैं। आज वही बातें याद ননানী & माँ आज भी सबके पसंद না खाना अब साथ नहीं बैठ पाते हैं। ৭ম স্ান নাল भाई कमाने निकल गया ससुराल चली गई। बहन ही॰घर के दो चिराग एक दुनिया में खो गए। अलग अलग जो आँगन कभी हँसी से गूँजता  था आज  वहाँ सन्नाटा सोता है। पर टिकती हैं , माँकी आँखें   दरवाज़े पिता   चुपचाप कुछ ढोता है। মৈল में बंटती थी रोटी टुकड़ों चार एक थाली   पूरी रह जाती है। आज घर में शोर कम नहीं होता था, [ अब घड़ी की टिक-टिक आती है। सुनाई वक्त ने क्या खेल रचाया हे अपने होकर भी॰ दूर हो गए। সন एक ही छत के नीचे पलने वाले, आज अलग-अलग जगहों में मजबूर हो गए। और सच कहूँतो॰ घर आज भी वही है, নাল कहीं खोगए। E बस त्योहारों में वो रौनक नहीं दिखती 39  दीवारें भी॰ जैसे चुप-चुप सी रहती हैं। कभी जो छोटी-सी बात पर महफ़िल सज जाती थी॰ बनकर आँखें भिगो जाती हैं। आज वही बातें याद ননানী & माँ आज भी सबके पसंद না खाना अब साथ नहीं बैठ पाते हैं। ৭ম স্ান নাল
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  • -pinki Yadav - Author on ShareChat
    -pinki Yadav
    #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #🤝रिश्ते #💞 तू मेरी जानू है 💞 #वक्त
    हार्ट ब्रेक स्टेटस, रिश्ते
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  • -pinki Yadav - Author on ShareChat
    -pinki Yadav
    #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #सच्चाई #ज़िन्दगी 🌺 #🤝रिश्ते #वक्त
    हार्ट ब्रेक स्टेटस, सच्चाई
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  • K R Sharma(VIP) - Author on ShareChat
    K🌹 R🌹 Sharma(VIP)
    #वक्त
    समय बहरा है, कभी किसी की नही सुनता , लेकिन अंधा नही है, देखता सबको है. समय बहरा है, कभी किसी की नही सुनता , लेकिन अंधा नही है, देखता सबको है.
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  • vinaykumar nishad - Author on ShareChat
    vinaykumar nishad
    #waqt #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
    waqt, Love You ज़िंदगी
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