Wallet Install
Home
Explore
Wallet
Video
Profile
Trends
English
gulzar.ali - Author on ShareChat
gulzar.ali
650 views • 11 days ago
#ya ali #❤️अस्सलामु अलैकुम
SA য্রা ঔলী য্রা हुसैन हम क्या बता सकेंगे फ़ज़ीलत की, 57 पुस्त ए नबी से पूछिए अजमत రేగ 847 कर के बहाना झुले का जिब्राईल बार बार, 31, हर बार देख लेते थे सूरत हुसैन {Com/SameerAli net SA য্রা ঔলী য্রা हुसैन हम क्या बता सकेंगे फ़ज़ीलत की, 57 पुस्त ए नबी से पूछिए अजमत రేగ 847 कर के बहाना झुले का जिब्राईल बार बार, 31, हर बार देख लेते थे सूरत हुसैन {Com/SameerAli net
18 likes
14 shares

More like this

  • gulzar.ali - Author on ShareChat
    gulzar.ali
    #ya ali #❤️अस्सलामु अलैकुम
    मेरे चमन में तुझी से बहार है, ख्वाजा तू मेरा चैन है, मेरा करार है ख्वाजा | 000 i गरीबी इसलिए दामन में लेकर बैठा हूँ, सुना है गरीबों से प्यार है, ख्वाजा | तुझको మరుు% Eikes யட EX বান dlet T7 9 मेरे चमन में तुझी से बहार है, ख्वाजा तू मेरा चैन है, मेरा करार है ख्वाजा | 000 i गरीबी इसलिए दामन में लेकर बैठा हूँ, सुना है गरीबों से प्यार है, ख्वाजा | तुझको మరుు% Eikes யட EX বান dlet T7 9
    15
    13
  • gulzar.ali - Author on ShareChat
    gulzar.ali
    #ya ali #❤️अस्सलामु अलैकुम
    ya ali, अस्सलामु अलैकुम
    101
    138
  • gulzar.ali - Author on ShareChat
    gulzar.ali
    #ya ali #❤️अस्सलामु अलैकुम
    Zusc एक दफ़ा बाबा गुरु नानक ने अपने मुरीद से कहा से महोब्बत किया करो" "हुसैन ने कहा नहीं, ,वो तो मुसलमानों के रहनुमा हैं मुरीद गुरु नानक ने अपने से कहा, मुरीद "मैं तुम्हारा गुरु हुँ॰ मैं तुम्हे हुक़्म देता हुँ की घर जा और अपनी बहन से शादी कर' ने कहा, मुरीद मेरा " ज़मीर" इसकी इजाज़त नहीं देता इसी ज़मीर गुरु नानक मुस्कुरा के बोले "अरे Td को तो "हुसैन" ' 8, कहते के गुरु "हुसैन मुसलमानों के नहीं ,ज़मीर वालों " Zusc एक दफ़ा बाबा गुरु नानक ने अपने मुरीद से कहा से महोब्बत किया करो" "हुसैन ने कहा नहीं, ,वो तो मुसलमानों के रहनुमा हैं मुरीद गुरु नानक ने अपने से कहा, मुरीद "मैं तुम्हारा गुरु हुँ॰ मैं तुम्हे हुक़्म देता हुँ की घर जा और अपनी बहन से शादी कर' ने कहा, मुरीद मेरा " ज़मीर" इसकी इजाज़त नहीं देता इसी ज़मीर गुरु नानक मुस्कुरा के बोले "अरे Td को तो "हुसैन" ' 8, कहते के गुरु "हुसैन मुसलमानों के नहीं ,ज़मीर वालों
    15
    23
  • gulzar.ali - Author on ShareChat
    gulzar.ali
    #ya ali #❤️अस्सलामु अलैकुम
    (अःसः) हुसैन करबल या करबला तेरी तरफ शौक से जाने वाले, अब कहाँ रखे हैं ईमान बचाने वाले। हम ने इस्लाम की तारीख पढ़ी है लोगों, थे ७२ ही फकत दीन बचाने वाले। (अःसः) हुसैन करबल या करबला तेरी तरफ शौक से जाने वाले, अब कहाँ रखे हैं ईमान बचाने वाले। हम ने इस्लाम की तारीख पढ़ी है लोगों, थे ७२ ही फकत दीन बचाने वाले।
    12
    25
  • ARMAN Abbas - Author on ShareChat
    ARMAN Abbas 🥰💖
    #ya ali #Ya Ali 💖
    ya ali, Ya Ali
    26
    32
  • gulzar.ali - Author on ShareChat
    gulzar.ali
    #ya ali #❤️अस्सलामु अलैकुम #💑 दोस्त कभी बदल न जाना
    ya ali, अस्सलामु अलैकुम
    9
    7
  • gulzar.ali - Author on ShareChat
    gulzar.ali
    #ya ali #❤️अस्सलामु अलैकुम
    सब कुछ तेरे हवाले करके ख़ामोश हो गया हूं एख्वाजा बस मेरे सबरको रुसवाना होने देनाcc० the_islamic_pagez4e UkelFololShare 2 सब कुछ तेरे हवाले करके ख़ामोश हो गया हूं एख्वाजा बस मेरे सबरको रुसवाना होने देनाcc० the_islamic_pagez4e UkelFololShare 2
    17
    22
  • gulzar.ali - Author on ShareChat
    gulzar.ali
    #ya ali #💑 दोस्त कभी बदल न जाना
    Assalamu Alaikum Wa Rahmatullahi Wa Barakatuhu सिर्फ खजूर खाना, मिसवाक करना, अमामा पहनना, टख़नों से ऊंची सलवार पहनना ही सुन्नत रसूल नही बल्क बहतरीन अख़लाक , नर्म मिज़ाज, सब्र, हर हाल में ख़ुदा का शुक्र, अल्लाह पर भरोसा, सच्चाई , ईमानदारी, दूसरों की गल्तियों को माफ करना, पड़ोसी का ख़याल रखना, किसी को तकलीफ न होते हुये भी बदला न [, ताकत লনা ये भी सुन्नत 77؟< ( ہیلع ہللا ८५ Rய9) 8...! Assalamu Alaikum Wa Rahmatullahi Wa Barakatuhu सिर्फ खजूर खाना, मिसवाक करना, अमामा पहनना, टख़नों से ऊंची सलवार पहनना ही सुन्नत रसूल नही बल्क बहतरीन अख़लाक , नर्म मिज़ाज, सब्र, हर हाल में ख़ुदा का शुक्र, अल्लाह पर भरोसा, सच्चाई , ईमानदारी, दूसरों की गल्तियों को माफ करना, पड़ोसी का ख़याल रखना, किसी को तकलीफ न होते हुये भी बदला न [, ताकत লনা ये भी सुन्नत 77؟< ( ہیلع ہللا ८५ Rய9) 8...!
    30
    13
  • gulzar.ali - Author on ShareChat
    gulzar.ali
    #ya ali #❤️अस्सलामु अलैकुम
    নিঃানা दुश्मनी लाख मगर किसी की रोजी - रोटी कै दरवाज़े बन्द करने का सोचना भी नर्हीं क्योंकि इस मामले में अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है. নিঃানা दुश्मनी लाख मगर किसी की रोजी - रोटी कै दरवाज़े बन्द करने का सोचना भी नर्हीं क्योंकि इस मामले में अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है.
    15
    21
Home
Explore
Wallet
Video