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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - लिए प्रेमिकाः- मै तुम्हारे आग पर {గగేగగే ? सकती चल नदी मे कूद हूं॰ प्रेमीः- मै भी तुमसे बहुत प्यार मिलने आ करता हू क्या तुम मुझसे सकती हो.. प्रेमिकाः- पागल हो क्या धुप देखी है कितनी तेज है मै काली पड़ गई तो..!! लिए प्रेमिकाः- मै तुम्हारे आग पर {గగేగగే ? सकती चल नदी मे कूद हूं॰ प्रेमीः- मै भी तुमसे बहुत प्यार मिलने आ करता हू क्या तुम मुझसे सकती हो.. प्रेमिकाः- पागल हो क्या धुप देखी है कितनी तेज है मै काली पड़ गई तो..!! - ShareChat