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#शुभ मुहूर्त #व्रत एवं त्योहार #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 02-05-26 श्री नारदमुनि अवतरण दिवस शनिवार की कृष्ण " विक्रम संवत तिथि के अनुसार ज्येष्ठ माह पक्ष की प्रतिपदा को श्री नारद अवतरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन देवों के ऋषि नारद जी की पूजा आराधना की जाती है। नारद जी ने ही ध्रुव और प्रह्लाद को ज्ञान देकर भक्ति मार्ग की ओर उन्मुख किया था। विक्रम संवत तिथि के अनुसार ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को श्री नारद अवतरण दिवस जी की पूजा आराधना की जाती है। मनाया जाता है। इस दिन देवों के ऋषि नारद यह दिन देवर्षि नारद के जन्म से जुड़ा है, जिन्हें ज्ञान, भक्ति और देवताओं के संदेशवाहक के रूप में जाना जाता है। जी ने ही ध्रुव और प्रह्लाद को ज्ञान देकर भक्ति मार्ग की ओर उन्मुख किया था। नारद की पूजा fau ' धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान जी के परम और अनन्य भक्त नारद जी बुद्धि और सात्विक शक्ति मिलती है। आराधना करने से व्यक्ति को बल,  fg इस दिन पूजा पाठ, दान पुण्य और ` आराधना का विशेष महत्व माना गया है। के कृष्ण ' ज्येष्ठ माह पक्ष की प्रतिपदा तिथि 1 मई को रात १० बजकर ५२ मिनट पर शुरू होकर 3 मई को रात १२ बजकर ४१ मिनट तक रहने वाली है। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए नारद जयंती शनिवार 2 मई २०२६ को मनाई जाएगी। इस दिन कृष्ण मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को बासुंरी जरूर भेंट करनी चाहिए, ऐसा करने से व्यक्ति के सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं। 02-05-26 श्री नारदमुनि अवतरण दिवस शनिवार की कृष्ण " विक्रम संवत तिथि के अनुसार ज्येष्ठ माह पक्ष की प्रतिपदा को श्री नारद अवतरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन देवों के ऋषि नारद जी की पूजा आराधना की जाती है। नारद जी ने ही ध्रुव और प्रह्लाद को ज्ञान देकर भक्ति मार्ग की ओर उन्मुख किया था। विक्रम संवत तिथि के अनुसार ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को श्री नारद अवतरण दिवस जी की पूजा आराधना की जाती है। मनाया जाता है। इस दिन देवों के ऋषि नारद यह दिन देवर्षि नारद के जन्म से जुड़ा है, जिन्हें ज्ञान, भक्ति और देवताओं के संदेशवाहक के रूप में जाना जाता है। जी ने ही ध्रुव और प्रह्लाद को ज्ञान देकर भक्ति मार्ग की ओर उन्मुख किया था। नारद की पूजा fau ' धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान जी के परम और अनन्य भक्त नारद जी बुद्धि और सात्विक शक्ति मिलती है। आराधना करने से व्यक्ति को बल,  fg इस दिन पूजा पाठ, दान पुण्य और ` आराधना का विशेष महत्व माना गया है। के कृष्ण ' ज्येष्ठ माह पक्ष की प्रतिपदा तिथि 1 मई को रात १० बजकर ५२ मिनट पर शुरू होकर 3 मई को रात १२ बजकर ४१ मिनट तक रहने वाली है। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए नारद जयंती शनिवार 2 मई २०२६ को मनाई जाएगी। इस दिन कृष्ण मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को बासुंरी जरूर भेंट करनी चाहिए, ऐसा करने से व्यक्ति के सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं। - ShareChat