Rajnee Gupta
518 views 8 hours ago
जब इच्छाएँ सीमित होती हैं, तो मन बाहरी वस्तुओं पर निर्भर नहीं रहता। संतोष का संस्कार आत्मा को हल्का, स्थिर और प्रसन्न बनाए रखता है, जिससे शांति जीवन का सहज अनुभव बन जाती है। आज आप किस एक अनावश्यक इच्छा को छोड़कर मन को और शांत बनाएँगे? #📃लाइफ कोट्स ✒️
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