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‌⃟ Pnit࿐ - Author on ShareChat
𝄟⃝🦅⃟‌⃟ 🖤⃝P𝕦nit࿐
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#विचार सागर
झुकना बाप ने सिखाया ही नहीं हम न तो अमीरों के जूतों की चाटने वाले থ্লুল মতন্নেংীবালু चाटुकार हैं, और न ही गरीबों  गिद्ध। ఇIస दौलत देखकर औकात 57 आंकने वालों की मानसिक दरिद्रता पर हमें तरस आता है। हमारी परवरिश में यह सिखाया गया है कि इज्जत हैसियत से नहीं, बल्कि उसकी रूह के वजन से होती है। तूम नोटों की गड्डियों में अपनी अहमियत ढूंढते रहो, हम अपने चरित्र के दम पर खड़े हैं। हमने सिर झुकाना सिर्फ अपनों की इज्जत और सम्मान के लिए सीखा है, और उठाना अपने आत्मसम्मान के लिए। इसके सिवा कही झुकना बाप ने सीखाया ही नहीं विचार सागर fb पेज झुकना बाप ने सिखाया ही नहीं हम न तो अमीरों के जूतों की चाटने वाले থ্লুল মতন্নেংীবালু चाटुकार हैं, और न ही गरीबों  गिद्ध। ఇIస दौलत देखकर औकात 57 आंकने वालों की मानसिक दरिद्रता पर हमें तरस आता है। हमारी परवरिश में यह सिखाया गया है कि इज्जत हैसियत से नहीं, बल्कि उसकी रूह के वजन से होती है। तूम नोटों की गड्डियों में अपनी अहमियत ढूंढते रहो, हम अपने चरित्र के दम पर खड़े हैं। हमने सिर झुकाना सिर्फ अपनों की इज्जत और सम्मान के लिए सीखा है, और उठाना अपने आत्मसम्मान के लिए। इसके सिवा कही झुकना बाप ने सीखाया ही नहीं विचार सागर fb पेज
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    𝄟⃝🦅⃟‌⃟ 🖤⃝P𝕦nit࿐
    #विचार सागर
    घर के झगड़े समाचार बन रहे है रिश्ते अब व्यापार बन रहे हैr गाँव बदलकर शहर हो रहे हैं, और इंसान बदलकर जहर होे रहे हैं। दिखावे के चेहरे अब चमकदार हो रहे हैं, और भीतर के इंसान सब बीमार हो रहे हैं।" "गले मिलने के रिवाज़ तो 3 3/#51<38, पर पीठ पीछे खंजर घोंपने के काम हो रहे हैं।" विचार सागर fb पेज घर के झगड़े समाचार बन रहे है रिश्ते अब व्यापार बन रहे हैr गाँव बदलकर शहर हो रहे हैं, और इंसान बदलकर जहर होे रहे हैं। दिखावे के चेहरे अब चमकदार हो रहे हैं, और भीतर के इंसान सब बीमार हो रहे हैं।" "गले मिलने के रिवाज़ तो 3 3/#51<38, पर पीठ पीछे खंजर घोंपने के काम हो रहे हैं।" विचार सागर fb पेज
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    #विचार सागर
    Reels केवल अकेले दुनिया तुम्हारे 46 लिए  नहीं बनी है तेज आंधी तूफान आया। | लोग भगवान को कोस रहे थे। ক্িমী ক্া নিন থীভ ওভ যমা] किसी को छप्पर उड गया। अच्छे मकानों में रहने वाली औरतें भी भगवान को कोस रही थी कि बंद मकान में भी रेत घुस गई। पूरे दिन सफाई करनी पड़ेगी। गर केू पुेश्वै जिनक स करकेईगमालिकर जिनका कोई मालिक नहीं था। मगर कचरा खा कर गुजारा कर रहे थे वे सब भगवान को क्योंकि तूफान के कारण धन्यवाद दे रहे थे। नीम , बबूल, खेजड़ी , पीपल आदि पेड़ो कि शाखाएं टूट गई थी। काफी दिनों बाद भूखे पशुओं ने भर पेट भोजन किया था। मोरलः - ये दुनिया  अकेले के लिए नहीं বাল ্কী  को सबके लिए सोचना बनी है। ऊपर पड़ता है। वह चींटी से लेकर हाथी तक सबका पेट भरने की कोशिश करता है। fRIR fb பu Reels केवल अकेले दुनिया तुम्हारे 46 लिए  नहीं बनी है तेज आंधी तूफान आया। | लोग भगवान को कोस रहे थे। ক্িমী ক্া নিন থীভ ওভ যমা] किसी को छप्पर उड गया। अच्छे मकानों में रहने वाली औरतें भी भगवान को कोस रही थी कि बंद मकान में भी रेत घुस गई। पूरे दिन सफाई करनी पड़ेगी। गर केू पुेश्वै जिनक स करकेईगमालिकर जिनका कोई मालिक नहीं था। मगर कचरा खा कर गुजारा कर रहे थे वे सब भगवान को क्योंकि तूफान के कारण धन्यवाद दे रहे थे। नीम , बबूल, खेजड़ी , पीपल आदि पेड़ो कि शाखाएं टूट गई थी। काफी दिनों बाद भूखे पशुओं ने भर पेट भोजन किया था। मोरलः - ये दुनिया  अकेले के लिए नहीं বাল ্কী  को सबके लिए सोचना बनी है। ऊपर पड़ता है। वह चींटी से लेकर हाथी तक सबका पेट भरने की कोशिश करता है। fRIR fb பu
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  • Dr R T Sharma - Author on ShareChat
    Dr R T Sharma
    #विचार सागर #समाजिक जागरूकता मिशन #❤️जीवन की सीख #मेरा अनुभव मेरे विचार #✍️ जीवन में बदलाव
    गुलामी की जंजीर गौतम बुद्ध कहते हैं- Chundi इंसान को बाँधने के लिए   जंजीरों की जरूरत नहीं होती , अंधविश्वास ही काफी है। जो बिना देखे, बिना परखे मान लिया गया, वही सबसे मजबूत बंधन बन जाता है। क्योंकि उसे बाहर कोई नहीं बाँधता , वह खुद भीतर से बँध जाता है। और जो प्रश्न करता है, वह बंधन को देख लेता और जो देख लेता है, वह मुक्त होने लगता है। गौतम बुद्ध इसलिए दुनिया को मानने वाले लोग चाहिए, सोचने वाले नहीं। लेकिन याद रखो- जागृति वहीं से शुरू होती है, जहाँ प्रश्न जीवित रहता है। गुलामी की जंजीर गौतम बुद्ध कहते हैं- Chundi इंसान को बाँधने के लिए   जंजीरों की जरूरत नहीं होती , अंधविश्वास ही काफी है। जो बिना देखे, बिना परखे मान लिया गया, वही सबसे मजबूत बंधन बन जाता है। क्योंकि उसे बाहर कोई नहीं बाँधता , वह खुद भीतर से बँध जाता है। और जो प्रश्न करता है, वह बंधन को देख लेता और जो देख लेता है, वह मुक्त होने लगता है। गौतम बुद्ध इसलिए दुनिया को मानने वाले लोग चाहिए, सोचने वाले नहीं। लेकिन याद रखो- जागृति वहीं से शुरू होती है, जहाँ प्रश्न जीवित रहता है।
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  • Dr R T Sharma - Author on ShareChat
    Dr R T Sharma
    #विचार सागर #❤️जीवन की सीख #समाजिक जागरूकता मिशन #मेरा अनुभव मेरे विचार #✍️ जीवन में बदलाव
    तृष्णा (Craving) तृष्णा केवल इच्छा नहीं है, यह वह पकड़ है जो मन को बाँधे रखती है। ತಷ ಹff 6#41678- जो अच्छा है वह कभी बदले नहीं, और जो दुखद है वह तुरंत खत्म हो जाए। यही चाह 6 0 बार-बार मन में लहर बनती है, और अशांति पैदा करती है। जब तक तृष्णा जीवित है, मन भटकता रहेगा। तृष्णा को देखना ही उससे मुक्त होने की शुरुआत है। ~नमो बुद्धाय तृष्णा (Craving) तृष्णा केवल इच्छा नहीं है, यह वह पकड़ है जो मन को बाँधे रखती है। ತಷ ಹff 6#41678- जो अच्छा है वह कभी बदले नहीं, और जो दुखद है वह तुरंत खत्म हो जाए। यही चाह 6 0 बार-बार मन में लहर बनती है, और अशांति पैदा करती है। जब तक तृष्णा जीवित है, मन भटकता रहेगा। तृष्णा को देखना ही उससे मुक्त होने की शुरुआत है। ~नमो बुद्धाय
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  • Dr R T Sharma - Author on ShareChat
    Dr R T Sharma
    #विचार सागर #✍️ जीवन में बदलाव #समाजिक जागरूकता मिशन #मेरा अनुभव मेरे विचार #❤️जीवन की सीख
    VIP विचार "राजनीति में मूर्खों का समर्थन सबसे खतरनाक होता है। ঠনা; जैसे "बिना जानकारी के वोट सिर्फ जाति धर्म भावना पर नेता चुनना, झूठी खबरों पर विश्वास करना , VIP विचार "राजनीति में मूर्खों का समर्थन सबसे खतरनाक होता है। ঠনা; जैसे "बिना जानकारी के वोट सिर्फ जाति धर्म भावना पर नेता चुनना, झूठी खबरों पर विश्वास करना ,
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