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कुरआन और बाइबल के गहन ज्ञान के आधार पर संत रामपाल जी महाराज समझाते हैं कि भगवान/अल्लाह के नाम पर जीव की गर्दन काटना धर्म नहीं, बल्कि अज्ञानता और कुप्रथा है। यह कृत्य मनुष्य को पापी कसाई की श्रेणी में खड़ा करता है।कबीर साहेब और संत गरीबदास जी महाराज के अनुसार, हिंदू और मुसलमान दोनों का मार्ग दया और अहिंसा से ही सिद्ध होता है। किसी भी जीव की गर्दन काटना कुफर (पाप) है। #संत रामपाल जीमहाराज
संत - 917 शाभ्ली कर्म क KARMA  @ె गरीबदास जी ने कहा है कि सत गरीब, मासा घाटै ना तिल बढ़ै, विधना लिखे जो लेख। सतगुरू मेट कर, ऊपर मारै मेख।। साचा जीव के कर्मों के अनुसार जो प्रारब्ध बनाया गया है। उसमें जरा.सा भी फेरबदल पूर्ण परमात्मा के बिना कोई नहीं पूर्ण परमात्मा जी संत व सतगुरू रूप में संत कससकता गरीबदास जी को मिले थे जो कबीर जी थे। इसलिए कहा है कि साचा सतगुरू यानि कबीर परमेश्वर जी प्रारब्घ (भाग्य) के लेख को (ऊपर मारै मेख) सदा के लिए समाप्त कर देता है। भक्ताभक्तमति की आयु भी बढा सकता है। मुर्दे को भी जीवित कर देता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज JagatGuruRampalli.org SatlokAshramShamliUP SatlokShamliup W 917 शाभ्ली कर्म क KARMA  @ె गरीबदास जी ने कहा है कि सत गरीब, मासा घाटै ना तिल बढ़ै, विधना लिखे जो लेख। सतगुरू मेट कर, ऊपर मारै मेख।। साचा जीव के कर्मों के अनुसार जो प्रारब्ध बनाया गया है। उसमें जरा.सा भी फेरबदल पूर्ण परमात्मा के बिना कोई नहीं पूर्ण परमात्मा जी संत व सतगुरू रूप में संत कससकता गरीबदास जी को मिले थे जो कबीर जी थे। इसलिए कहा है कि साचा सतगुरू यानि कबीर परमेश्वर जी प्रारब्घ (भाग्य) के लेख को (ऊपर मारै मेख) सदा के लिए समाप्त कर देता है। भक्ताभक्तमति की आयु भी बढा सकता है। मुर्दे को भी जीवित कर देता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज JagatGuruRampalli.org SatlokAshramShamliUP SatlokShamliup W - ShareChat