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#📢कल से बदल जाएंगे ये बड़े नियम 🤔 1. रेलवे तत्काल टिकट का नया टोकन सिस्टमनियम: रेलवे काउंटरों पर भारतीय रेलवे तत्काल बुकिंग के लिए नया टोकन सिस्टम ला रहा है।बदलाव: टोकन वितरण का समय अब सीधे तत्काल टिकट बुकिंग विंडो के समय (AC के लिए सुबह 10 बजे और नॉन-AC के लिए 11 बजे) से जोड़ा जाएगा।असर: यात्रियों को पहले से अलग लाइन लगाकर टोकन लेने की जरूरत नहीं होगी, जिससे काउंटरों पर भीड़ कम होगी।2. LPG गैस सिलेंडर के दामनियम: तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस की कीमतों की समीक्षा करती हैं।बदलाव: 1 अगस्त को घरेलू (14.2 kg) और कमर्शियल (19 kg) LPG सिलेंडर के नए दाम जारी होंगे।असर: अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव के आधार पर कीमतें घट या बढ़ सकती हैं।3. क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग चार्जेसनियम: विभिन्न बैंक अपने सेवा शुल्कों और कार्ड बेनिफिट्स में बदलाव कर रहे हैं।बदलाव: कुछ बैंकों द्वारा क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स, लेट पेमेंट फीस और एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की शर्तों को बदला जा रहा है।कंपाउंडिंग पर रोक: Reserve Bank of India (RBI) के नए दिशानिर्देशों के तहत, बैंक अब बकाया सुविधा शुल्क (convenience fees) या टैक्स पर चक्रवृद्धि ब्याज (compounded interest) नहीं वसूल पाएंगे।SMS चार्ज: कुछ बैंक (जैसे उज्जिवन स्मॉल फाइनेंस बैंक) अपने प्रति SMS अलर्ट चार्जेस को संशोधित कर रहे हैं।4. CKYC 2.0 का रोलआउटनियम: देश में सेंट्रल नो योर कस्टमर (CKYC) फ्रेमवर्क का नया चरण शुरू हो रहा है।बदलाव: अब बैंकों, म्यूचुअल फंड कंपनियों और बीमा फर्मों को बार-बार अलग से दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी।असर: केंद्रीय रजिस्ट्री में एक बार डेटा वेरिफाइड होने के बाद, आपकी वन-टाइम सहमति (Consent) से अन्य संस्थान इसे सीधे एक्सेस कर सकेंगे।5. इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) पर लेट फीसनियम: नौकरीपेशा लोगों (ITR-1 और ITR-2) के लिए रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 थी।बदलाव: जो लोग इस समयसीमा को चूक गए हैं, उन्हें 1 अगस्त से ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की लेट फीस (धारा 234F के तहत) देनी पड़ सकती है।व्यवसायियों को राहत: बिना ऑडिट वाले छोटे व्यवसायियों और फ्रीलांसरों (ITR-3 और ITR-4) के लिए अंतिम तिथि अभी भी 31 अगस्त 2026 है।6. GST ई-इनवॉइसिंग और ई-वे बिलनियम: GST रजिस्टर्ड संस्थाओं के लिए तकनीकी नियम कड़े किए जा रहे हैं।बदलाव: 'Bill-to-Ship-to' लेनदेन करने वाले व्यवसायों के लिए ई-वे बिल जनरेशन के समय 'Ship-to GSTIN' की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना नया ई-वे बिल जेनरेट नहीं होगा。
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