Wallet Install
Home
Explore
Wallet
Video
Profile
Trends
English
Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
Shayari Ayodhya
1K views • 14 days ago
#shayrana ishq
जो तुम हुआ करते थे..l_l मुझे नहीं पसंद जो तुम बन रहे हो~ मुझे बहुत याद आता है.!! जो तुम हुआ करते थे,मेरी कही बातों को तो तुम अब अनसुना करते हो~्पहले आंखें पडा करते थे, मेरे लिए अब कहा ही हैःतुम्हारे समय तुम वहीँ हो जो मेरा घंटों पास क्या इंतज़ार किया करते थे! लड़ते- झगड़े तो हम तब भी थे! मगर मेरे रूठने पर तुम मुझे कितना मनाया करते नहीं पसंद जो तुम बन रहे हो~ ! मुझे जो तुम हुआ बहुत याद आता है मुझे करते थे !! जो तुम हुआ करते थे..l_l मुझे नहीं पसंद जो तुम बन रहे हो~ मुझे बहुत याद आता है.!! जो तुम हुआ करते थे,मेरी कही बातों को तो तुम अब अनसुना करते हो~्पहले आंखें पडा करते थे, मेरे लिए अब कहा ही हैःतुम्हारे समय तुम वहीँ हो जो मेरा घंटों पास क्या इंतज़ार किया करते थे! लड़ते- झगड़े तो हम तब भी थे! मगर मेरे रूठने पर तुम मुझे कितना मनाया करते नहीं पसंद जो तुम बन रहे हो~ ! मुझे जो तुम हुआ बहुत याद आता है मुझे करते थे !!
14 likes
16 shares

More like this

  • Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
    Shayari Ayodhya
    #shayrana ishq
    याद आती है तुम्हारी मुझे जब घर में किसी बात पर मन टूट जाता अपनों के बीच रहकर भी Ud खुद को अकेला महसूस करती हूँ॰ मुझे तुम्हारी याद आती है. किसी सपने से घबराकर मिेबीरे जब आँख खुल जाती अचानक और दिल चाहता है कि बस एक बार तुम्हारी आवाज़ सुन लू॰ याद आती है Hst तुम्हारी कोई छोटी सी खुशी मिलती है. जब क्योंकि सबसे पहले उसे तुम्हारे साथ बाँटने का मन करता है. याद आती है मुझ तुम्हारी जिंदगी मुश्किल लगने लगती है. Ud आँखों में आँसू होते हैं जब की कोशिश करती और उन्हें छुपाने मुझे तुम्हारी याद आती है जब फ़ोन बजता है और एक पल के लिए लगता है शायद तुम हा. मगर स्क्रीन पर किसी और का नाम देखकर दिल फिर चुप हो जाता है. 8 सच याद किसी एक वजह से नहीं मुझे तुम्हारी  3ানী मुझे uIఢ मैद गीम्हारः के हर उस पल में आती है जहाँ मुझे अपनेपन की ज़रूरत होती है.. मेरे लिए तुम अब सिर्फ़ एक इंसान नहीं मेरी आदत हो, T सुकून हो, Wt g3TT గt मेरी सबसे ख़ूबसूरत उम्मीद हो.. IAS Suman Mishra याद आती है तुम्हारी मुझे जब घर में किसी बात पर मन टूट जाता अपनों के बीच रहकर भी Ud खुद को अकेला महसूस करती हूँ॰ मुझे तुम्हारी याद आती है. किसी सपने से घबराकर मिेबीरे जब आँख खुल जाती अचानक और दिल चाहता है कि बस एक बार तुम्हारी आवाज़ सुन लू॰ याद आती है Hst तुम्हारी कोई छोटी सी खुशी मिलती है. जब क्योंकि सबसे पहले उसे तुम्हारे साथ बाँटने का मन करता है. याद आती है मुझ तुम्हारी जिंदगी मुश्किल लगने लगती है. Ud आँखों में आँसू होते हैं जब की कोशिश करती और उन्हें छुपाने मुझे तुम्हारी याद आती है जब फ़ोन बजता है और एक पल के लिए लगता है शायद तुम हा. मगर स्क्रीन पर किसी और का नाम देखकर दिल फिर चुप हो जाता है. 8 सच याद किसी एक वजह से नहीं मुझे तुम्हारी  3ানী मुझे uIఢ मैद गीम्हारः के हर उस पल में आती है जहाँ मुझे अपनेपन की ज़रूरत होती है.. मेरे लिए तुम अब सिर्फ़ एक इंसान नहीं मेरी आदत हो, T सुकून हो, Wt g3TT గt मेरी सबसे ख़ूबसूरत उम्मीद हो.. IAS Suman Mishra
    14
    15
  • Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
    Shayari Ayodhya
    #shayrana ishq
    गले मिलना है और मुझे নুসমী बहुत देर तक मिलना है , जहाँ साँसें एक-्दूसरे में खो जाएँ जहाँ शब्द अपनी ज़रूरत खो दें जहाँ सिर्फ धड़कनों की आबाज़ बचे और वक़्त भी थम कर बस देखे कि दो में घर पा लेते लोग कैसे एक दूसरे है। मुझे तुमसे ऐसे मिलना है जैसे कोई थका हुआ परिंदा आखिरकार अपनी शाख ढूंढ ले और फिर उसे उड़़ जाने की कोई जल्दी न है IAS Suman Nishra गले मिलना है और मुझे নুসমী बहुत देर तक मिलना है , जहाँ साँसें एक-्दूसरे में खो जाएँ जहाँ शब्द अपनी ज़रूरत खो दें जहाँ सिर्फ धड़कनों की आबाज़ बचे और वक़्त भी थम कर बस देखे कि दो में घर पा लेते लोग कैसे एक दूसरे है। मुझे तुमसे ऐसे मिलना है जैसे कोई थका हुआ परिंदा आखिरकार अपनी शाख ढूंढ ले और फिर उसे उड़़ जाने की कोई जल्दी न है IAS Suman Nishra
    13
    20
  • Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
    Shayari Ayodhya
    #shayrana ishq
    नाराज होकर भी नाराज नहीं रह सकते कुछ इस कदर मोहब्बत करते है हम आपसे suman mishra IAS.... नाराज होकर भी नाराज नहीं रह सकते कुछ इस कदर मोहब्बत करते है हम आपसे suman mishra IAS....
    12
    20
  • Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
    Shayari Ayodhya
    #shayrana ishq
    66 एक बा२ज़ॉं पण्या महसूस कश देॅ 99 फिर वो लाख अच्छी बातें कर ले मुझे पराया ही लगता है ! 66 एक बा२ज़ॉं पण्या महसूस कश देॅ 99 फिर वो लाख अच्छी बातें कर ले मुझे पराया ही लगता है !
    55
    87
  • Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
    Shayari Ayodhya
    #shayrana ishq
    अलविदा कहने के बाद भी यदि दिल उसके लौटने की प्रतीक्षा में है.. तो वहाँ 'प्रेम' है ! @गुलज़ारshayari Follow for more अलविदा कहने के बाद भी यदि दिल उसके लौटने की प्रतीक्षा में है.. तो वहाँ 'प्रेम' है ! @गुलज़ारshayari Follow for more
    19
    47
  • Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
    Shayari Ayodhya
    #shayrana ishq
    @AJAYQTS सारा खेल तो निगाहों का है सनम, झुकाई नहीं हमने हटाई नहीं ` तुमने ' @AJAYQTS सारा खेल तो निगाहों का है सनम, झुकाई नहीं हमने हटाई नहीं ` तुमने '
    31
    28
  • Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
    Shayari Ayodhya
    #shayrana ishq
    उस दिन सिर्फ़ कुछ समय के लिए मिले हम छोटी सी मुलाक़ात थी परदिल ने उसको महफ़ूज़ करलिया। और जितनी देर तुम सामने रहे उतनी देर सब कुछ ठीक लगा। उसके बाद का हर पल उसी मुलाक़ात पर टिका है। अगली मुलाक़ात के इंतज़ार में.. IAS Suman Mishra उस दिन सिर्फ़ कुछ समय के लिए मिले हम छोटी सी मुलाक़ात थी परदिल ने उसको महफ़ूज़ करलिया। और जितनी देर तुम सामने रहे उतनी देर सब कुछ ठीक लगा। उसके बाद का हर पल उसी मुलाक़ात पर टिका है। अगली मुलाक़ात के इंतज़ार में.. IAS Suman Mishra
    19
    15
  • Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
    Shayari Ayodhya
    #shayrana ishq
    "٤آ, मैं यह सत्य स्वीकार चुका हूँ कि तुम कभी लौटकर नहीं आओगे। फिर भी न जाने क्यों हर रोज़ जा रहा हूँ मैं.. ক্রিয असंभव से प्रयास क्यों उस "द्वार" को अब तक बंद नहीं कर पाया, जहॉ हर शाम " अंतहीन प्रतीक्षा" Rி मेरे दिन के अंतिम प्रकाश तक को अपने साथ ले जाती है, और मेरे हिस्से केवल मौन की एक " अनंत रात" छोड़ जाती है"। "٤آ, मैं यह सत्य स्वीकार चुका हूँ कि तुम कभी लौटकर नहीं आओगे। फिर भी न जाने क्यों हर रोज़ जा रहा हूँ मैं.. ক্রিয असंभव से प्रयास क्यों उस "द्वार" को अब तक बंद नहीं कर पाया, जहॉ हर शाम " अंतहीन प्रतीक्षा" Rி मेरे दिन के अंतिम प्रकाश तक को अपने साथ ले जाती है, और मेरे हिस्से केवल मौन की एक " अनंत रात" छोड़ जाती है"।
    21
    17
  • Shayari Ayodhya - Author on ShareChat
    Shayari Ayodhya
    #shayrana ishq
    अगर दिन लिखूँगा, निकल जाओगी लिखूँगा, ढल जाओगी I सुकून लिखूँगा, मुकर जाओगी लिखूँगा, মীমম बदल जाओगी हवा लिखूँगा, उड़ जाओगी पहाड़ लिखूँगा, टूट जाओगी पेड़ लिखूँगा, गिर जाओगी ٨٠٨ बदल जाओगी रंग नदी लिखूँगा, बह जाओगी लिखूँगा, पराई हो जाओगी अपना चलो साँस लिखता हूँ, जब जाओगी हमें संग ले जाओगी. @AKS_E_FAQEER अगर दिन लिखूँगा, निकल जाओगी लिखूँगा, ढल जाओगी I सुकून लिखूँगा, मुकर जाओगी लिखूँगा, মীমম बदल जाओगी हवा लिखूँगा, उड़ जाओगी पहाड़ लिखूँगा, टूट जाओगी पेड़ लिखूँगा, गिर जाओगी ٨٠٨ बदल जाओगी रंग नदी लिखूँगा, बह जाओगी लिखूँगा, पराई हो जाओगी अपना चलो साँस लिखता हूँ, जब जाओगी हमें संग ले जाओगी. @AKS_E_FAQEER
    24
    16
Home
Explore
Wallet
Video