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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - संत कबीर का अमर दोहा माटी कहे कुम्हार से নু নমা ২ীই মীয एक दिन ऐसा आयेगा मैं रौँदेगी तोय अर्थः हे कुम्हार! तू मुझे (मित्टी को) क्यों रौँदेता है? मित्ट्टी तुझे रौँदेंगी | एक दिन ऐसा आएगा जब यही अर्थात जो आज तू दूसरों को दुख देता है, अपमान करता है, एक दिन वही तुझे भुगतना होगा। यह जीवन चक्र है, घमंड और अत्याचार इसमें ' बुरा ही होता है। কা কল মটংা: कभी किसी को छोटा मत समझो , क्योंकि समय का चक्र सबको बराबर कर देता है। संत कबीर का अमर दोहा माटी कहे कुम्हार से নু নমা ২ীই মীয एक दिन ऐसा आयेगा मैं रौँदेगी तोय अर्थः हे कुम्हार! तू मुझे (मित्टी को) क्यों रौँदेता है? मित्ट्टी तुझे रौँदेंगी | एक दिन ऐसा आएगा जब यही अर्थात जो आज तू दूसरों को दुख देता है, अपमान करता है, एक दिन वही तुझे भुगतना होगा। यह जीवन चक्र है, घमंड और अत्याचार इसमें ' बुरा ही होता है। কা কল মটংা: कभी किसी को छोटा मत समझो , क्योंकि समय का चक्र सबको बराबर कर देता है। - ShareChat