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☝ मेरे विचार - आंध्र प्रदेश में इसी महीने से आकार लेगी  पिट देश की पहली स्पेस सिटी जल्दः यहां दुनिया के लिए रॉकेट बनेंगे समझें .. क्या है इस ब्लूप्रिंट में एमएस शंकर | अमराव्ती लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर जोनः छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान यदि सबकुछ योजना के अनुसार हुआ तो इस्ी 1. के लिए पैड और मिशन कंट्रोल सेंटर।  ( एसएसएलवी  महीने देश की पहली स्पेस सिटी बननी शुरू हो २. सैटेलाइट मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरः नैनो और जाएगी। आंध्र प्रदेश के Te- एन॰  चद्रबाबू माइक्रो सैटेलाइट बनाने के लिए एडवांस क्लीन रूम।  पिछले साल इसका आइडिया सामने रखा नायडू ३. अनुसंधान और नवाचार कॉरिडोरः स्टार्टअप्स  था। उनकी सरकार अब इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर और इसरो के बीच सहयोग के लिए इनक्यूबेशन सेंटर। अंतरिक्ष शहर' में न केवल सैकड़ों ব্তুবক্ী है। इस ४. स्पेस डेटा हबः कृषि और रक्षा के लिए सैटेलाइट कंपनियां रॉकेट के पुर्जे   सेंसर   बनाएंगी, डेटा प्रोसेसिंग सेंटर भी यहीं से ऑपरेट होगा। बल्कि स्काईरूट, कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम्स, ५. सहायक विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्रः सटीक जैसी बड़ी कंपनियां ढुनियाभर के लिए फ्रासटीैल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स इकाइयों का निर्माण।  प्राइवेट रॉकेट बनाकर देंगी। सरकार ने यहां ६. प्रतिभा और प्रशिक्षणः भविष्य की नौकरियों के ५७० एकड का स्टार्टटप एक्टिवेशन जोन बनाया लिए एयरोस्पेस प्रशिक्षण संस्थान।  है॰ जिसमें अग्निकुल, कॉसमॉस, पिक्सेल जैसे  स्पेस स्टार्टअप भविष्य की अंतरिक्ष संभावनाओं को इन कंपनियों के बड़े बेस होँगे आकार देंगे। यह सिटी गगनयान जैसे भारत के महत्वाकांक्षी मिशनों के लिए बेस कैंप का काम स्काई रूटः स्काई रूट इस प्रोजेक्ट की ` एंकर यूनिट करेगी। नायडू सरकार ने पांच राज्यों में सरकार गठन  है। कंपनी ने यहां रॉकेट निर्माण , असेंबली और टेस्टिंग  के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों स्पेस सिटी की के लिए ४०० करोड़ के निवेश की घोषणा की है। उन्हें आधारशिला रखने की योजना तैयार की है।  ३०० एकड़ जमीन मिली है, जहांवेअपने विक्रम स्काईरूट के सीईओ पवन कुमार चंदना ने सीरीज के रॉकेट तैयार करेंगे। बताया कि तिरुपति जिले के थोट्टाम्बेडु मंडल के कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्सः भारत फोर्ज की रौथुसुरमाला गांव में २६०० एकड जमीन तैयार की यह सहायक कंपनी पास ही के मदाकाशिरा धहब में जा रही हे। यह अंतरिक्ष औद्योगिक क्लस्टर होगा। १,४३० करोड़ निवेश कर रही है। इसके पास डिफेंस यहां एयरोस्पेस, रक्षा विनिर्माण, निजी अंतरिक्ष  पेलोड और रॉकेट एनर्जेटिक्स का काम है। इनोवेशन के अलग ्अलग हब बनने हें। इस पर शेष | पेज 6 ३४०० करोड़ रु॰ से ज्यादा खर्च होंगे। आंध्र प्रदेश में इसी महीने से आकार लेगी  पिट देश की पहली स्पेस सिटी जल्दः यहां दुनिया के लिए रॉकेट बनेंगे समझें .. क्या है इस ब्लूप्रिंट में एमएस शंकर | अमराव्ती लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर जोनः छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान यदि सबकुछ योजना के अनुसार हुआ तो इस्ी 1. के लिए पैड और मिशन कंट्रोल सेंटर।  ( एसएसएलवी  महीने देश की पहली स्पेस सिटी बननी शुरू हो २. सैटेलाइट मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरः नैनो और जाएगी। आंध्र प्रदेश के Te- एन॰  चद्रबाबू माइक्रो सैटेलाइट बनाने के लिए एडवांस क्लीन रूम।  पिछले साल इसका आइडिया सामने रखा नायडू ३. अनुसंधान और नवाचार कॉरिडोरः स्टार्टअप्स  था। उनकी सरकार अब इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर और इसरो के बीच सहयोग के लिए इनक्यूबेशन सेंटर। अंतरिक्ष शहर' में न केवल सैकड़ों ব্তুবক্ী है। इस ४. स्पेस डेटा हबः कृषि और रक्षा के लिए सैटेलाइट कंपनियां रॉकेट के पुर्जे   सेंसर   बनाएंगी, डेटा प्रोसेसिंग सेंटर भी यहीं से ऑपरेट होगा। बल्कि स्काईरूट, कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम्स, ५. सहायक विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्रः सटीक जैसी बड़ी कंपनियां ढुनियाभर के लिए फ्रासटीैल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स इकाइयों का निर्माण।  प्राइवेट रॉकेट बनाकर देंगी। सरकार ने यहां ६. प्रतिभा और प्रशिक्षणः भविष्य की नौकरियों के ५७० एकड का स्टार्टटप एक्टिवेशन जोन बनाया लिए एयरोस्पेस प्रशिक्षण संस्थान।  है॰ जिसमें अग्निकुल, कॉसमॉस, पिक्सेल जैसे  स्पेस स्टार्टअप भविष्य की अंतरिक्ष संभावनाओं को इन कंपनियों के बड़े बेस होँगे आकार देंगे। यह सिटी गगनयान जैसे भारत के महत्वाकांक्षी मिशनों के लिए बेस कैंप का काम स्काई रूटः स्काई रूट इस प्रोजेक्ट की ` एंकर यूनिट करेगी। नायडू सरकार ने पांच राज्यों में सरकार गठन  है। कंपनी ने यहां रॉकेट निर्माण , असेंबली और टेस्टिंग  के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों स्पेस सिटी की के लिए ४०० करोड़ के निवेश की घोषणा की है। उन्हें आधारशिला रखने की योजना तैयार की है।  ३०० एकड़ जमीन मिली है, जहांवेअपने विक्रम स्काईरूट के सीईओ पवन कुमार चंदना ने सीरीज के रॉकेट तैयार करेंगे। बताया कि तिरुपति जिले के थोट्टाम्बेडु मंडल के कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्सः भारत फोर्ज की रौथुसुरमाला गांव में २६०० एकड जमीन तैयार की यह सहायक कंपनी पास ही के मदाकाशिरा धहब में जा रही हे। यह अंतरिक्ष औद्योगिक क्लस्टर होगा। १,४३० करोड़ निवेश कर रही है। इसके पास डिफेंस यहां एयरोस्पेस, रक्षा विनिर्माण, निजी अंतरिक्ष  पेलोड और रॉकेट एनर्जेटिक्स का काम है। इनोवेशन के अलग ्अलग हब बनने हें। इस पर शेष | पेज 6 ३४०० करोड़ रु॰ से ज्यादा खर्च होंगे। - ShareChat