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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - कबीर के दोहे आछे दिन पाछे गए, हरि से किया न हेत | अब पछताए होत क्या, चिड़िया चुग गईों खेत II अर्थ ः सुख के समय में भगवान का स्मरण नहीं किया, तो अब पछताने का क्या फ़ायदा। जब खेत पर ध्यान देना चाहिए था, तब तो दिया नहीं , अब अगर चि़ड़िया सारे बीज खा चुकी हैं, तो खेत से क्या होगा। संदेश सुख के समय में ही भगवान का स्मरण करो , समय रहते भक्ति और सत्संग का मार्ग अपनाओ | कबोर भजन ज्ञान ज्ञान भरे भजन सुनिए, जीवन में उतारिए। पेज को Follow करें और अपने मित्रों के साथ साझा करें । |Kabir Bhajan Gyan कबीर के दोहे आछे दिन पाछे गए, हरि से किया न हेत | अब पछताए होत क्या, चिड़िया चुग गईों खेत II अर्थ ः सुख के समय में भगवान का स्मरण नहीं किया, तो अब पछताने का क्या फ़ायदा। जब खेत पर ध्यान देना चाहिए था, तब तो दिया नहीं , अब अगर चि़ड़िया सारे बीज खा चुकी हैं, तो खेत से क्या होगा। संदेश सुख के समय में ही भगवान का स्मरण करो , समय रहते भक्ति और सत्संग का मार्ग अपनाओ | कबोर भजन ज्ञान ज्ञान भरे भजन सुनिए, जीवन में उतारिए। पेज को Follow करें और अपने मित्रों के साथ साझा करें । |Kabir Bhajan Gyan - ShareChat