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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - विसुए  चसिआ घड़ीओ पहरा थिती वारी रुति अनेकानानक एको  माहु होआा सूरज़ु करते कै केते वेसपा मीठा विसुए' श्री गुरु ' नानक देव जी समझाते हैं कि समय की सबसे छोटी इकाई से लेकर महीनों तक, सब एक ही अखंड प्रवाह का हिस्सा हैं। यह विस्तार हमें जीवन के तीन मुख्य सत्य सिखाता है। क्षण की कीमतः जीवन छोटे छोटे लगे पलों का योग है, इसलिए हर सूक्ष्म पल मूल्यवान है। परिवर्तन ही स्थिरता हैः का बदलना यह दर्शाता है कि संसार में बदलाव ही दिन रात और কনুঙী | तेरा एकमात्र स्थायी सत्य है। अनेकता में एकताः जिस प्रकार एक ही सूर्य अपनी स्थिति से अनेक ऋतुएँ बनाता है, उसी प्रकार एक ही 'कर्ता' (परमात्मा) सृष्टि के अनंत रूपों, रंगों और मौसमों में समाया हुआ है। दुनिया में धर्म, भाषा भाणा और स्वरूप की भिन्नता केवल बाहरी वेष है। जिस तरह समय की हर इकाई अंततः समय ही है, वैसे ही सृष्टि का हर कण उसी एक सक्रिय शक्ति का स्वरूप है। सत्य बाहरी शोर में नहीं, बल्कि इसी एकत्व को पहचानने में हैl जैसे एक सूरज अलग ्अलग ऋतुएं पैदा करता है, वैसे ही वह एक परमात्मा इस सृष्टि के अनंत रूपों, जीवों और रंगों में समाया हुआ है। इन सबके पीछे सक्रिय शक्ति केवल एक ही है। विसुए  चसिआ घड़ीओ पहरा थिती वारी रुति अनेकानानक एको  माहु होआा सूरज़ु करते कै केते वेसपा मीठा विसुए' श्री गुरु ' नानक देव जी समझाते हैं कि समय की सबसे छोटी इकाई से लेकर महीनों तक, सब एक ही अखंड प्रवाह का हिस्सा हैं। यह विस्तार हमें जीवन के तीन मुख्य सत्य सिखाता है। क्षण की कीमतः जीवन छोटे छोटे लगे पलों का योग है, इसलिए हर सूक्ष्म पल मूल्यवान है। परिवर्तन ही स्थिरता हैः का बदलना यह दर्शाता है कि संसार में बदलाव ही दिन रात और কনুঙী | तेरा एकमात्र स्थायी सत्य है। अनेकता में एकताः जिस प्रकार एक ही सूर्य अपनी स्थिति से अनेक ऋतुएँ बनाता है, उसी प्रकार एक ही 'कर्ता' (परमात्मा) सृष्टि के अनंत रूपों, रंगों और मौसमों में समाया हुआ है। दुनिया में धर्म, भाषा भाणा और स्वरूप की भिन्नता केवल बाहरी वेष है। जिस तरह समय की हर इकाई अंततः समय ही है, वैसे ही सृष्टि का हर कण उसी एक सक्रिय शक्ति का स्वरूप है। सत्य बाहरी शोर में नहीं, बल्कि इसी एकत्व को पहचानने में हैl जैसे एक सूरज अलग ्अलग ऋतुएं पैदा करता है, वैसे ही वह एक परमात्मा इस सृष्टि के अनंत रूपों, जीवों और रंगों में समाया हुआ है। इन सबके पीछे सक्रिय शक्ति केवल एक ही है। - ShareChat